यूपी में प्रधानमंत्री आवास योजना पर बड़ा अपडेट, शहरी गरीबों को मिलेगी पक्की छत, सरकार ने दी स्वीकृति
उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 73,184 नए आवासों को मंजूरी दी ...और पढ़ें

HighLights
यूपी में 73,184 नए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत।
आवास निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर।
दिव्यांगजन रोजगार अभियान की अवधि 13 अगस्त तक बढ़ी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की कवायद तेज कर दी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के 137 नगरीय निकायों में कुल 73,184 आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही योजना के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) घटक में प्रदेश में स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 4,88,526 हो जाएगी।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को उनके कार्यालय कक्ष के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की बैठक हुई।
इसमें नए आवासाें के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। बैठक में स्वीकृत आवासीय परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। परियोजनाओं की नियमित निगरानी और प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 की तिथि 13 तक बढ़ी
प्रदेश के दिव्यांग युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 की अवधि बढ़ा दी गई है। पहले यह अभियान तीन से 10 अगस्त तक चलना था, जिसे अब जनहित में बढ़ाकर 13 अगस्त तक कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि अभियान का उद्देश्य निर्धारित रोजगार लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना और प्रदेश के अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। अभियान को मिल रहे सकारात्मक रुझान और आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाई गई है।
इसके तहत जिला स्तर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और टीमों को विस्तारित अवधि में कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी कंपनियों और कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं के सहयोग से दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार सीधे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
