लखनऊ, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बुद्ध के क्रीड़ांगन उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से सोमवार को उत्तर प्रदेश के नौ मेडिकल कालेजों का लोकार्पण किया। केंद्र और प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पूर्वांचल को पहले की सरकारों ने बीमारियों से जूझने के लिए छोड़ दिया था। भ्रष्टाचार की साइकिल 24 घंटे चलती रही, कुछ परिवारवादियों ने खूब लाभ कमाया और प्रदेश की सामान्य जनता पिसती रही। वही पूर्वांचल अब पूर्वी भारत का मेडिकल हब बनेगा, अब देश को बीमारियों से बचाने वाले अनेक डाक्टर यह धरती देने वाली है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का छह दिन के अंदर पूर्वांचल का यह दूसरा दौरा था। इससे पहले उन्होंंने पिछले बुधवार को भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के साथ मेडिकल कालेज और कई अन्य विकास योजनाओं का शिलान्यास किया था। सिद्धार्थनगर आने वाले पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- 'आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए, विशेषकर पूर्वांचल के लिए आरोग्य की डबल डोज लेकर आया है। यहां सिद्धार्थनगर में प्रदेश के नौ मेडिकल कालेज का लोकार्पण हो रहा है। इसके बाद पूर्वांचल से ही पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ी योजना शुरू होने जा रही है।'  स्पष्ट हो कि प्रधानमंत्री ने बाद में वाराणसी जाकर पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना का शुभारंभ किया।

भोजपुरी में संबोधन की शुरूआत करने के बाद मोदी-मोदी के उच्चघोष बीच प्रधानमंत्री थोड़ी देर खामोश रहे। फिर सवाल किया- नारों-वारों से संतोष हो गया? इजाजत हो तो अपनी बात शुरू करूं। वैसे यह उत्साह अभी कई महीनों तक चलाना है।' बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज केंद्र और उत्तर प्रदेश में जो सरकार है, वह अनेकों कर्मयोगियों की दशकों की तपस्या का फल है। नौ नए मेडिकल कालेजों के निर्माण से ढाई हजार बेड तैयार हुए हैं। पांच हजार से अधिक डाक्टर और पैरा मैडिकल के लिए रोजगार के नए अवसर बने हैं।

प्रति वर्ष सैकड़ों युवाओं के लिए मेडिकल की पढ़ाई का नया रास्ता खुला है। जिस पूर्वांचल की छवि पिछली सरकारों ने खराब कर दी थी, दिमागी बुखार से हुई दुखद मौतों की वजह से बदनाम कर दिया गया था, वही पू्रर्वांचल वही उत्तर प्रदेश, पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला देने वाला है। उन्होंने इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा-'यूपी के भाई-बहन भूल नहीं सकते कि कैसे योगी जी ने संसद में यूपी की बदहाल मेडिकल व्यवस्था की व्यथा सुनाई थी। योगी जी तब मुख्यमंत्री नहीं थे, वे एक सांसद थे और बहुत छोटी आयु में सांसद बने थे। आज यूपी के लोग ये भी देख रहे हैं कि योगी जी को जनता-जनार्दन ने सेवा का मौका दिया तो कैसे उन्होंने दिमागी बुखार को बढ़ने से रोक दिया, इस क्षेत्र के हजारों बच्चों का जीवन बचा लिया।'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आजादी के पहले और उसके बाद भी मूलभूत चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई। इस कष्ट को उन्होंने स्वयं महसूस किया है। लेकिन इस बात का हमेशा अफसोस रहेगा कि यहां पहले जो सरकार थी, उसने केंद्र का साथ नहीं दिया। विकास के कार्यों में राजनीति को ले आई। क्या कभी किसी को याद पड़ता है कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में कभी एक साथ इतने मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण हुआ हो? अथाह भीड़ की आवाज आई-'नहीं'।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले ऐसा नहीं होता था और अब हो रहा है। इसका एक ही कारण है, राजनीतिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक प्राथमिकता। जो पहले थे उनकी प्राथमिकता थी, स्वयं के लिए पैसे कमाना और परिवार के लिए तिजोरी भरना। अब सरकार की प्राथमिकता है गरीब का पैसा बचाना, गरीब के परिवार को मूलभूत सुविधाएं देना। सात साल पहले दिल्ली और चार साल पहले यूपी में जो सरकार थी, वह पूर्वांचल में क्या करती थीं, डिस्पेंसरी या कहीं-कहीं छोटे-छोटे अस्पताल की घोषणा की जाती थी। लोग भी उम्मीद लगाए रहते थे। लेकिन सालों-साल तक या तो बिल्डिंग ही नहीं बनती थी, बिल्डिंग होती थी तो मशीनें नहीं होती थीं, दोनों हो गई तो डाक्टर और दूसरा स्टाफ नहीं होता था। ऊपर से गरीबों के हजारों करोड़ रुपए लूटने वाली भ्रष्टाचार की साइकिल चौबीसों घंटे अलग से चलती रहती थी। दवाई, एंबुलेंस, नियुक्ति, ट्रांसफर-पोस्टिंग, सब में भ्रष्टाचार।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने हर गरीब तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए बहुत ईमानदारी से प्रयास किया है। योगी सरकार से पहले जो सरकार थी, उसने अपने कार्यकाल में यूपी में सिर्फ 6 मेडिकल कालेज बनवाए थे। योगी जी के कार्यकाल में 16 मेडिकल शुरू हो चुके हैं और 30 नए मेडिकल कॉलेजों पर तेजी से काम चल रहा है। रायबरेली और गोरखपुर में बन रहे एम्स तो यूपी के लिए एक प्रकार से बोनस हैं।

प्रधानमंत्री का विपक्ष पर जोरदार हमला : प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले वाली सरकार में भ्रष्टाचार की साइकिल 24 घंटे चलती रहती थी। दवाई खरीद में भ्रष्टाचार, एम्बुलेंस चलाने में भ्रष्टाचार, ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार। प्रदेश में पहले था सिर्फ भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार। सही ही कहा जाता है कि जाके पांव ना फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई। यहां पर तो वर्षों तक बिल्डिंग ही नहीं बनती थी, बिल्डिंग होती थी तो मशीनें नहीं होती थीं, या डॉक्टर और दूसरा स्टाफ नहीं होता था। ऊपर से गरीबों के हजारों करोड़ रुपए लूटने वाली भ्रष्टाचार की सायकिल चौबीसों घंटे अलग से चलती रहती थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सात वर्ष पहले जो दिल्ली में सरकार थी और चार वर्ष पहले जो यहां उत्तर प्रदेश में सरकार थी, वो पूर्वांचल में क्या करते थे।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया बोले-पीएम नरेन्द्र मोदी की सोच, हर जिले में हो एक मेडिकल कालेज

केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार एवं कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि पीएम की सोच है कि हर जिले में एक मेडिकल कालेज हो। एक दिन में नौ मेडिकल कालेजों को समर्पित किया जा रहा है। यह छोटी बात नहीं है। सभी जिलों में रहने वाले लोगों को हेल्थ की सुविधाएं मिलेगी।

इसके आसपास रोजगार के अवसर मिलेंगे। पिछले सात साल में स्वास्थ्य सेवा में सुधार हुआ। 170 मेडिकल कालेज खुले हैं। 27 मेडिकल कालेज सिर्फ यूपी में खुले है। पहले 51 हजार सीटें थीं अब 32 हजार सीटों की वृद्धि हुई है। मनसुख मांडविया ने कहा कि जब आप प्रधानमंत्री बने उस समय देश का स्वास्थ्य बजट लगभग 33,000 करोड़ था, आपके 7 साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च क़रीब 8 गुना बढ़ गया है। इस साल सरकार स्वास्थ्य पर लगभग सवा दो लाख करोड़ खर्च करने जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- नौ मेडिकल कालेजों का शुभारंभ कोरोना संक्रमण से मृत लोगों को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पहले स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उपेक्षा का दंश झेलने वाले उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की स्थितियां बदल रही हैं। अब यहां उपचार के अभाव में किसी की मौत नहीं होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोमवार को यहां से प्रदेश के कुल नौ मेडिकल कालेजों का शुभारंभ हो रहा है। यही कोरोना संक्रमण के कारण हमारे बीच न रहने वालों के लिए श्रद्धांजलि है। भारत की पहचान सशक्त भारत के रूप में बनी है। 70 वर्षों में 12 मेडिकल कालेज खुले थे। मुझे याद है यहां कैसे मासूम बच्चे दिमागी बुखार से मरते थे। अब तो बच्चों के लिए हर अस्पताल में आईसीयू की व्यवस्था है। 95 फीसद बीमारी पर नियंत्रण हुआ है। कार्यक्रम को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया और सांसद जगदंबिका पाल ने भी संबोधित किया।

इन मेडिकल कालेजों का हुआ लोकार्पण : सिद्धार्थनगर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज, देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज, गाजीपुर में महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कालेज, मीरजापुर में विंध्यवासिनी मेडिकल कालेज, प्रतापगढ़ में डाक्टर सोने लाल पटेल मेडिकल कालेज, एटा में वीरांगना अवंती बाई लोधी मेडिकल कालेज, फतेहपुर में महान योद्धा अमर शहीद जोधा सिंह और ठाकुर दरियांव सिंह मेडिकल कालेज, जौनपुर में उमानाथ सिंह मेडिकल कालेज और हरदोई मेडिकल कालेज।

Edited By: Dharmendra Pandey