लखनऊ, (जेएनएन)। Live Lucknow University Centenary Year Celebration: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ विश्वविद्यालय के 100 वें स्थापना दिवस समारोह पर अपील की है कि इस विश्वविद्यालय ने अपने 100 साल में बड़ी उपलब्धियां पाई हैं।मगर अब वक्त है कि देश के सौ साल पूरे होने के वक्त ये विश्वविद्यालय किस तरह से योगदान करेगा, उसका रोडमैप तैयार करने का। साल 2022 तक विश्वविद्यालय इस देश और समाज के लिए किस तरह का योगदान करेगा। किस तरह की बड़ी उपलब्धियां होंगी अब तैयारी इसकी होनी चाहिए।

विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर सात दिन से जारी आयोजनों का सिलसिला बुधवार की शाम स्थापना दिवस समारोह के समाप्त हुआ। स्थापना दिवस समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा राज्य नीलिमा कटियार मौजूद रहीं। कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने सभी का स्वागत किया। तय समय पर शुरू किए गए अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि हमने एक नई शिक्षा नीति पर विमर्श करें। वाद विवाद करें। जिसके बाद इसको लागू करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने 1920 से अब 100 साल पूरे कर चुका है। जरूरी है कि आप साल 2047 का विजन बनाइए। तब आप कहाँ होंगे। देश के लिए आप क्या करेंगे। बीते दिनों की गाथाएं आने वाले दिनों की पगडंडी बन जाए। 2022 से 25 साल का रोड मैप बनाएं। आप देश को सौ साल में क्या देंगे इसकी तैयारी करें।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं। सौ वर्ष का समय एक आंकड़ा नहीं है। अपार उपलब्धियों का एक जीता जागता इतिहास है। यहांं देश दुनिया के लिए अनेक प्रतिभाओं को बनते हुए देखा है। यहां के छात्र अनेक जगह पहुंचे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के कला संकाय प्रांगण मेेें नेता सुभाष चन्द्र बोस की आवाज गूंजी थी। कल जब हम संविधान दिवस मनाएंगे तब नेता जी की याद आएगी। मैं सभी विभूतियों का अभिनंदन करता हूँ। मैंने जब यहां से पढ़े लोगों से बात की उनकी आंखों चमक आ जाती है।

दुनिया का सबसे बड़ी रेल कोच फैक्टरी होगी लालगंज

प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी ने विद्यार्थियों को इच्छाशक्ति के संबंध में संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम अपने सामर्थ्य का उपयोग ही नहीं कर पाए। रायबरेली की लालगंज रेल कोच फैक्ट्री पर निवेश हुआ, घोषणा हुई, लेकिन यहाँ केवल कोच रंग दिए जाते रहे। कपूरथला पंजाब से कोच आते थे और यहां रंग दिए जाते थे। 2014 में हमने सोच बदली। सैकड़ो डिब्बे हम अपने सामर्थ्य का उपयोग ही नहीं कर पाए। रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री पर निवेश हुआ, घोषणा हुई, लेकिन यहाँ केवल बोगी रंग दिए जाते रहे। 2014 में हमने सोच बदली। आज सैकड़ो डिब्बे बन रहे हैं। इस पर यूपी को गर्व होगा। दुनिया की सबसे बड़ी रेल कोच फैक्ट्री बनेगी रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री।

यूरिया उत्पादन में काम आई इच्छा शक्ति

उन्होंने कहा कि आत्मबल न हो तो सही नतीजा नहीं मिलता है। एक जमाने मे यूरिया उत्पादन के कई कारखाने फिर भी हम बाहर से मंगाते थे। हमारे कारखाने पूरी ताक़त से काम नहीं करते थे। हमने कड़े फैसले लिए। काम बढ़ गया। युरिया की 100 फीसद नीम कोटिंग की गई। पहले भी कुछ मात्रा में होता था। हमने सौ फीसद नीम कोटिंग की। पीएम ने कहा, पुराने और बन्द खाद कारखाने खुलेंगे। जिसके लिए गैस लाइन बिछाई जा रही है।

जिन जिलों में लविवि की पहुंच वहां के उत्पादों को बढ़ाएं

उन्होंने कहा मेरा सुझाव है जिन जिलों में आपका दायरा है वहां के लोकल कोर्स, वहां का स्किल विकास विश्वविद्यालय में किया जाए। रिसर्च, ब्रांडिंग, मार्केटिंग भी कोर्स का हिस्‍सा हो सकता है। लखनऊ की चिकनकारी, मुरादाबाद का पीतल, अलीगढ़ के ताले, भदोही की कालीन इन पर नए सिरे से काम हो। यही नहीं आर्ट, कल्चर, हेरिटेज की ग्लोबल रीच पर काम किया जाए। कोई योग कहता है कोई योगा कहता है। मगर पूरी दुनिया को इसने जोड़ दिया है। पीएम मोदी ने कहा, लखनऊ विश्वविद्यालय ऊंचे लक्ष्‍य हासिल करने का केंद्र है। यहां के अध्यापक अपने विद्यार्थी को निखारते हैं। लोग निराशा की बात करते हैं। आप खुद पर भरोसा कीजिये। जो ठीक है। जो उचित है वह कीजिये। उदहारण है कि खादी को लेकर हम गर्व करते हैं। खादी की प्रसिद्धि दुनिया में है। मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था तब मैं इसको आगे बढ़ाया। लोग कहते थे कि युवाओं में कैसे बढ़ेगी। मैंने इन बातों को किनारे किया। 2002 को मैंने पोरबंदर में खादी का फैशन शो करवाया। उस दिन सारे पूर्वाग्रह ध्वस्त हुए। मैंने नारा दिया आजादी से पहले खाड़ी फ़ॉर नेशन आजादी के बाद खाड़ी फ़ॉर फैशन। सोच और संकल्प ने काम बना दिया । आज खादी स्टोर से एक करोड़ खादी बिक रही है। 2014 के बाद छह साल में जितनी खादी बिकी उससे कम 2014 से पहले के 20 साल में नहीं बिकी थी।

अपने लिए समय निकालिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल गैजेट आपका समय छीन रहे हैं। आप अपने लिए समय निकालिए। मैं हर साल खुद मुझसे मिलने जाता था। ऐसी जगह पर जाता था, जहां बस पानी मिल जाए। आप भी ऐसे ही कुछ समय अपने आपको दीजिये। छात्र जीवन गुजर जाने के बाद फिर नहीं मिलता है। इसको एन्जॉय कीजिये। इनकरेज भी कीजिये। ये दोस्त हमेशा आपके साथ रहेंगे। दोस्ती कीजिये और दोस्ती निभाइए। पीएम मोदी ने कहा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मेंं अमूल चूल परिवर्तन किए गए हैं। बंधनोंं में दहला हुआ शरीर और खांचे मेंं रहनेे वाला व्यक्ति बढ़ नहीं सकता है। आप परिवर्तन के साथ रहें।

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लविवि का इतिहास और भूगोल दोनों श्रेष्ठ : राजनाथ

इस अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ स‍िंंह ने कहा, लखनऊ विश्वविद्यालय केे 100 साल भारतीय शिक्षा जगत की ऐतिहासिक घटना है। भारत के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है।भारतीय राजनीति स्वतंत्रता आंदोलन के समय ये विश्वविद्यालय बना। डॉ बीरबल साहनी से पूर्व राष्ट्रपति डॉ शंकरदयाल शर्मा यहां रहे। उन्होंने कहा कि स्टीव जॉब्स एपल के संस्थापक हैं। वे बाबा नीम करौरी के भक्त थे। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग को तनाव के क्षण में बाबा की शरण में कैंची धाम में जाने को कहा था। जहां जुकरबर्ग को शांति मिली। बाबा नीम करौरी का स्थापित मंदिर विश्वविद्यालय के सामने है।

कहा, लविवि का इतिहास और भूगोल दोनों गौरवमयी हैंं। मैंं अपने शिक्षा मंत्री काल मे यहां आता था। आज कोविड की बड़ी चुनौती है। युवा कोरोना वारियर्स रहे हैं। हमने आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है। रक्षामंत्री नेे कहा, आत्म निर्भर भारत धनवान, ज्ञानवान और चरित्रवान भी होगा। स्वामी विवेकानन्द कहते थे कि हमारे देश मे संस्कृति व्यक्ति को बनाती है। आप आगे बढ़ेंगे तो भारत आगे बढ़ेगा। आपके साथ भारत की संस्कृति है। हम बड़े सुधार कर रहे हैं। हम बड़े बदलाव कर रहे हैं। हम पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेंगे। हम कई बड़े सुधार कर रहे हैं। लखनऊ के सांसद ने कहा, इस साल केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी है। हमारी शिक्षा नीति का उद्देश्य व्हाट टू थिंक था। अब हमारी नीति कहती है हाउ टू थिंक।

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