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चौधरी चरण सिंह जयंती पर हापुड़ में जनसभा, PM मोदी की मौजूदगी से पश्चिमी यूपी में मजबूत होगा गठबंधन

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:35 AM (GMT+05:30)

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर 23 दिसंबर को हापुड़ के नूरपुर में एक बड़ी जनसभा आयोजित होगी।

पीएम मोदी। (तस्वीर- फाइल)

पीएम मोदी। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. चौधरी चरण सिंह जयंती पर हापुड़ के नूरपुर में जनसभा।

  2. प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष के शामिल होने की संभावना।

  3. पश्चिमी यूपी में भाजपा-रालोद गठबंधन को मिलेगी नई ताकत।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भारत के राजनीतिक चिंतन को नई दिशा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह को भारत रत्न देने के बाद से भाजपा और रालोद के रिश्ते लगातार खिल रहे हैं।

चौधरी चरण सिंह की जयंती पर राष्ट्रीय लोकदल 23 दिसंबर को हापुड़ में उनके पैतृक गांव नूरपुर में एक बड़ी जनसभा करने की तैयारी कर रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी शामिल होने की चर्चा है।

इस बहाने दोनों दल जहां किसानों से भावनात्मक रिश्तों को और गाढ़ा करेंगे, वहीं एनडीए गठबंधन को पश्चिम यूपी में नई ताकत मिलेगी।

चौधरी चरण सिंह किसान राजनीति के विचार पुरुष माने जाते हैं, जिनकी विचारधारा की छतरी के नीचे कई बड़े राजनीतिज्ञ पैदा हुए। पश्चिम उत्तर में किसानों के बीच उनकी राजनीतिक विरासत हमेशा मजबूत रही है। हालांकि चौ. चरण सिंह के पुत्र चौ. अजित सिंह की राजनीतिक चाल समय के साथ बदलती रही, लेकिन किसानों के बीच उनकी पकड़ लगातार बनी रही।

2014 लोकसभा से लेकर 2022 विधान सभा चुनाव तक रालोद और भाजपा के बीच राजनीतिक अदावत रही, और इस बीच रालोद ने सपा एवं कांग्रेस के साथ मिलकर भी चुनाव लड़ा। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव से पहले जयन्त एवं भाजपा के बीच दूरियां कम होने लगीं।

इसी बीच मोदी सरकार ने चौ. चरण सिंह को भारत रत्न देकर न सिर्फ किसान एवं जाट राजनीति से भावनात्मक तार जोड़ा, बल्कि रालोद और भाजपा एक साथ आ गए। 2024 लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन का भाजपा को विशेष फायदा न मिलने के बावजूद गठबंधन जारी रहा। पिछले एक साल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयन्त चौधरी कई बार मंच साझा कर चुके हैं।

अब भाजपा और रालोद के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में मिलकर हापुड़ में एक बड़ी जनसभा करने पर मंथन किया है। पश्चिम उप्र, हरियाणा एवं राजस्थान में जाट फैक्टर को अपने पाले में करने के लिए भाजपा ने जयन्त को केंद्रीय मंत्री बनाकर विशेष वरीयता दी है, जिन्हें आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में प्रमोट करने की भी चर्चा है।

रालोद पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल एवं अवध क्षेत्र में जनाधार बढ़ाने में जुटा है, जिसके लिए आधा दर्जन से ज्यादा जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। भाजपा जयन्त को साथ लेकर पश्चिम उप्र में जाट एवं किसान समीकरण को अपने पक्ष में करने की रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित मौजूदगी से मंच को राष्ट्रीय महत्व मिलेगा, जिसका किसानों में सकारात्मक संदेश पहुंचेगा। हालांकि भाजपा की प्रदेश इकाई ने अभी तक इस जनसभा को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं।

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