लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना संक्रमण के दौरान औषधीय व पोषक तत्व वाले पौधों की महत्ता समझते हुए उत्‍तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में औषधि वाटिका विकसित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश के बाद वन विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। वन विभाग ने आठ औषधीय व 19 पोषक तत्व वाले करीब साढ़े चार करोड़ पौधे भी तैयार कर लिए हैं। इन्हें अब 30 करोड़ पौधारोपण अभियान के दौरान जिलों में लगाया जाएगा। 

इस बार योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने मानसून सीजन में प्रदेश भर में 30 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा है। हर साल सरकार एक ही दिन में पौधारोपण के बड़े-बड़े लक्ष्य को पूरा कराती थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए अब सरकार ने जुलाई के पहले सप्ताह में 30 करोड़ पौधे लगाने का निर्णय किया है। कोरोना संक्रमण के दौरान आमजनों को भी औषधि व पोषक तत्व वाले पौधों की महत्ता अच्छे से समझ में आ गई है। इसलिए अब औषधीय गुणों वाले पौधे खूब पसंद किए जा रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों में औषधि वाटिका स्थापित करने का निर्णय लिया है।

अधिक संख्‍या में लगाए जाएंगे बरगद, पीपल, पाकड़ और इमली के पौधे 

औषधीय गुण वाले पौधों में बेल, आंवला, केथा, जामुन, बहेड़ा, हर्र, नीम व सहजन आदि प्रमुखता से लगाए जाएंगे। इसी प्रकार पोषक तत्व वाले पौधों में शरीफा, कटहल, बड़हल, करौंदा, नींबू, लसोड़ा, अंजीर, गूलर, महुआ, आम, शहतूत, जंगल जलेबी, अमरूद, अनार, इमली, बेर, किन्नू, पपीता व अन्य फलदार पौधे लगाने की तैयारी है। इसके अलावा इस बार ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जो पर्यावरण, मानव व समाज के लिए अनुकूल, उत्तम व उपयोगी हैं। सर्वाधिक आक्सीजन देने वाले बरगद, पीपल, पाकड़, इमली आदि प्रजातियों के पौधे भी इस बार अधिक संख्या में लगाए जाएंगे।

Edited By: Mahendra Pandey