लखनऊ, जेएनएन। राजधानी स्थित देश के सबसे पुराने यूनानी कॉलेज में परास्नातक (पीजी) कोर्स का संचालन होगा। वहीं इलाहाबाद कॉलेज में भी शैक्षणिक कार्यक्रम का विस्तार हो गया है। इसके लिए लखनऊ के कॉलेज में केंद्रीय टीम ने मानकों की जांच कर ली है। अधिकारियों ने इसी सत्र से दाखिले का दावा किया है।

यूनानी निदेशक डॉ. सिकंदर हयात सिद्दीकी के मुताबिक लखनऊ-इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज में एमडी पाठ्यक्रम की अनुमति राज्य सरकार ने प्रदान कर दी है।

वहीं गत गुरुवार व शुक्रवार को सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआइएम) की टीम ने लखनऊ स्थित कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम ने क्लास रूम के साथ-साथ अन्य संसाधन देखे। ऐसे में अब शीघ्र ही इलाहाबाद कॉलेज का भी टीम निरीक्षण कर सकती है। दोनों कॉलेज में सत्र 2019-20 से ही एमडी में दाखिले होंगे।

चार विषयों में होगी एमडी

लखनऊ यूनानी मेडिकल कॉलेज में बीयूएमएस की 40 सीटें हैं। वहीं इलाहाबाद कॉलेज में 60 बीयूएमएस की सीटें हैं। यहां वर्ष 2012 से एमडी पाठ्यक्रम के लिए शासन से अनुमति मांगी जा रही थी, मगर गत सरकारें सरकारी कॉलेज के बजाय निजी कॉलेजों पर मेहरबान रहीं। वहीं अब लखनऊ कॉलेज में तसरीहुल बदन (एनॉटमी) में दो व तहफुजी व समाजी तिब्ब (पीएसएम) की दो सीटें मिली हैं। वहीं इलाहाबाद कॉलेज को इलाज विद तदबीर (रेजीमेनल थेरेपी,़ अनफ वह नफ विषय में दो-दो एमडी सीट की हरी झंडी मिली है।

 

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Posted By: Anurag Gupta