लखनऊ : राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की वेबसाइट से 1.40 लाख लोगों का निजी डाटा हटा लिया गया है। दैनिक जागरण में शनिवार को इस आशय का समाचार 'सूडा ने लीक किया डाटा' शीर्षक से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद सुबह से ही सूडा के आला अधिकारियों से लेकर शासन तक हड़कंप की स्थिति बनी रही। शासन ने भी प्रकरण को संज्ञान में लिया, जिसके बाद निदेशक सूडा देवेंद्र कुमार पांडेय के आदेश पर सुबह करीब नौ बजे ही इस सूची को वेबसाइट से हटा कर नई सूची अपलोड कर दी गई। इसमें केवल आवेदकों के पिता या पति का नाम और सर्वे नंबर ही दिया गया है।

प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने वेबसाइट पर जारी की थी। जिसमें केवल लखनऊ शहर के लगभग 1.40 लाख लोग शामिल हैं। सूडा ने इसमें सभी का निजी डाटा लीक कर दिया था। इसमें आधार नंबर, उनका पता, पिता व पति का नाम और मोबाइल नंबर तक दे दिया था। इसको कोई भी देख सकता था। ये आइटी-एक्ट 2011 का उल्लंघन है। जिसके तहत इस तरह का किसी का भी निजी डेटा लेकर उसको किसी से साझा या व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। निजी डाटा को इस तरह से सार्वजनिक करने के मामले में जब दैनिक जागरण ने समाचार प्रकाशित किया तो सरकारी अमला हरकत में आ गया और इस सूची को हटाया गया।

शासन के आला अधिकारियों ने सूडा के निदेशक देवेंद्र कुमार पांडेय को इस संबंध में निर्देशित किया, जिसके बाद तकनीकी स्टाफ ने सुबह नौ बजे ही पांच हजार पन्नों की सूची को वेबसाइट से हटा दिया। उसकी जगह छह हजार पन्नों की सूची अपलोड की। इसमें बड़े अक्षरो में केवल आवेदक का सर्वे नंबर, नाम और पिता या पति का नाम दिया गया है।

By Jagran