लखनऊ, जेएनएन। Lucknow Lockdown Day 4: लॉकडाउन के बाद शहर में होम डिलीवरी से घर-घर राशन, दूध और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजें पहुंचाने की मुहिम धीरे-धीरे रंग लाती दिख रही है। हालांकि, एक ओर जहां राहत मिलीं, वहीं दूसरी ओर सब्जी और फलों सहित दूसरी चीजों के बढ़ते दामों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुश्किल वक्त में दुकानदार भी मनमानी पर उतारू हैं और लोगों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। वहीं, जरूरतमंदों को खाना पहुंचाने के लिए शहर में कम्युनिटी किचन शुरू हो गए हैं।

दुकानों के सामने कम नजर आए लोग

राजधानी में प्रशासन ने शहर में 400 से अधिक स्टोर, ग्रॉसरी शॉप और दुकानों से घर-घर राशन सप्लाई करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को लोगों को तमाम जगहों से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, शुक्रवार को काफी हद तक सुधार नजर आया। हजारों लोगों के घर होम डिलीवरी सिस्टम से राशन पहुंचा। वहीं, दूध की सप्लाई भी पहले की तरह जारी रही। पराग सहित तमाम निजी कंपनियों ने कॉलोनियों में जाकर होम डिलीवरी शुरू कर दी है। दवा की दुकानें खुली रहीं। 

हालांकि, तमाम लोगों ने दवाएं भी घर पर ही मंगवाईं। इसके चलते गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को दुकानों के सामने कम लोग नजर आए। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद शहर में सब्जियों और फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। यही नहीं रोजमर्रा में इस्तेमाल की जाने वाली तमाम चीजों के दाम दुकानदार मनमाने तरीके से वसूल रहे हैं। लॉकडाउन की आड़ में मुनाफाखोर सक्रिय हैं।

प्रशासन ने गुरुवार को ही सब्जी और फल सहित दान सभी चीजों के सामान की रेट लिस्ट जारी की थी और अधिकारियों को इसका सख्ती से पालन कराने का निर्देश भी दिया था। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह अपने-अपने इलाकों में फूड इंस्पेक्टर बांट माप निरीक्षक और संबंधित थाना क्षेत्रों के अधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित करें कि दुकानदार मनमानी कीमत न वसूलें। निर्देशों के बावजूद शहर के तमाम इलाकों में सब्जियों और फलों के दाम आसमान छूते नजर आए।

आमजन ने भी बांटा खाना 

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जहां कॉलोनियों और सड़क किनारे गुजर बसर करने वालों को खाना पहुंचाया, वहीं शहर की तमाम संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। लोगों ने घरों में पैकेट बनाकर जरूरतमंदों को पहुंचाया।

दो दिन में और होगा सुधार

जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के मुताबिक शहर में लोगों को रोजमर्रा और आवश्यक चीजों की आपूर्ति में और सुधार होगा। आठ हजार से अधिक लोग होम डिलीवरी में लगे हैं। इसके अलावा शहर में सभी छोटी राशन, दूध, सब्जी और दवाई की दुकानें भी खुली हैं। जिन लोगों के घरों के पास दवा या सब्जी की दुकानें नहीं है वह एप या फोन कॉल के जरिए ऑर्डर बुक करके सामान मंगा सकते हैं।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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