लखनऊ, जेएनएन। जीएसटीआर-9 यानी सालाना रिटर्न की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर 10 जुलाई कर दी गई है। तय तिथि बीतने के बाद 200 रुपया प्रतिदिन लेट फीस देनी होगी। एडिशनल कमिश्नर विवेक कुमार ने यह बातें मंगलवार को व्यापारियों से कहीं। वे आज लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में व्यापारियों से  मुखातिब थे। 

उन्होंने कहा कि जो व्यापारी 2017-18 का आइटीसी का क्लेम लेने से छूट गए हैं वह अब नहीं ले सकते हैं। वजह निर्धारित तिथि 30 सितंबर बीत चुकी है। सरकार ने इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दिया था। जिन लोगों ने आइटीसी का क्लेम ज्यादा ले लिया है वह जीएसटीआर-9 क्लेम करअपना टैक्स ब्याज सहित नकद में जमा कर दें। 

व्यापारियों को मिलना चाहिए क्लेम

वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने कहा कि प्रचार-प्रसार की कमी से कई व्यापारियों का आइटीसी क्लेम छूट गया है। व्यापारियों को क्लेम मिलना चाहिए क्योंकि पहला रिटर्न वार्षिक भरा जा रहा है बहुत से व्यापारियों को पता ही नहीं था कि हमारी कौन सी आइटीसी छूटी हुई है। जब वार्षिक रिटर्न भरना शुरू किया गया तब आई गलती पकड़ में। जीएसटीआर-9 लेट जमा करने पर पेनाल्टी न ली जाए। पहला वार्षिक रिटर्न होने के नाते व्यापारियों में डर की स्थिति थी कि कहीं कोई गलती न हो जाए। चूंकि इसमें रिवाइज रिटर्न की सुविधा नहीं है इसलिए लेट फीस हटनी चाहिए।

 

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Posted By: Anurag Gupta

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