लखनऊ, (निशांत यादव)। हैलो, मैं गुरुजी बोल रहा हूं। आपके जीवन में कुछ समस्याएं हैं। उनको मैं दूर कर सकता हूं। देश भर के कई जवानों और सैन्य अफसरों को ऐसे ही बाबा और गुरु बनकर सोशल मीडिया से संदेश भेजे जा रहे हैैं। उनको फोन किया जा रहा है...। हकीकत में उन लोगों का धर्म से कोई लेना देना नहीं है और न ही ऑनलाइन मार्केटिंग का चक्कर है।

यह सारा ताना-बाना नापाक पड़़ोसी की पाकिस्तान इंटेलिजेंस विंग (पीआइओ) ने बुना है। मकसद है, भारतीय सेना में नए सिरे से सेंधमारी और सैन्य अफसरों की गोपनीय जानकारी हासिल करना। पीआइओ लखनऊ सहित सैन्य मूवमेंट वाले शहरों के रेलकर्मियों के संपर्क में भी है। मामले की गंभीरता देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने देश के सभी कमान मुख्यालय को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया है।

पीआइओ की इस साजिश का पता तीन नवंबर को पोखरण से गोपनीय सूचनाएं लीक करने के मामले में पकड़े गए लांसनायक रवि वर्मा और सिपाही विक्षेत्र बेहरा से पूछताछ में चला है। पीआइओ छदम बाबा और गुरु के नाम से यू-ट्यूब पर अध्यात्म से जुड़े वीडियो बनाकर अपलोड कर रही है। रक्षा मंत्रालय ने भी पीआइओ का एक संदेश इंटरसेप्ट किया है, जो एक सैन्य अधिकारी को भेजा गया। अधिकारी की तैनाती इस समय यूएन में है। संदेश आप कौन बोल रहे हैं, आपका एस्कॉन नंबर क्या है और कहां हो आजकल पकड़ में आए हैं।

इन मीडियम का हो रहा इस्तेमाल

पीआइओ के बाबा और गुरु जवानों और अफसरों को फंसाने के लिए यूट्यब, फेसबुक, टिकटॉक, बीगोलाइव, स्काईप, वाट्सअप, गूगल, आइएमओ, ड्यूओ एप का इस्तेमाल कर रहे हैैं। जवानों और सैन्य अफसरों के साथ उनके परिवार से जुडऩे के लिए स्काईप और फोन कॉल हो रहे हैं। सेवानिवृत्त आर्मी अधिकारी भी निशाने पर हैं।

150 अकाउंट पकड़े

रक्षा मंत्रालय ने बाबा, गुरु और लेडी आर्मी अफसरों के प्रोफाइल वाले फेसबुक और ट्विटर पर पीआइओ के 150 अकाउंट पकड़े हैं। इन्हें पीआइओ की लेडी पाकिस्तानी अधिकारी हैंडल कर रही हैं। खुद को भारतीय सेना की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की अधिकारी बताकर पाक महिला अधिकारी सैन्य अस्पतालों, एमसीओ को भी फोन घुमाती हैैं। साथ ही खुद को सेना से नाराज जवान बताकर भी सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाए गए। जिसमें भारतीय सेना से नाराज जवानों को जोड़कर खुफिया सूचना हासिल करने की साजिश रची गई।

रेलवे कर्मचारी को भी जोड़ा

इतना ही नहीं..., अधिक सैन्य मूवमेंट वाले लखनऊ, बबीना, झांसी, सूरतगढ़ जैसे स्टेशनों पर तैनात रेलवे क्लर्क को आर्मी मुख्यालय से कर्नल विक्रम या पैरा मिलिट्री अधिकारी बताकर उनसे सेना के मूवमेंट की गोपनीय सूचना मांगी जा रही है।  

Posted By: Anurag Gupta

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