लखनऊ [राज्‍य ब्‍यूरो]। कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में आक्सीजन की सुविधा वाले बेड तैयार किए जा रहे हैं। मेडिकल कालेजों व जिला अस्पतालों में पीडियाट्रिक आइसीयू (पीकू) व नियोनेटल आइसीयू (नीकू) बेड 30 जून तक तैयार कर लिए जाएंगे। आक्सीजन प्लांट काफी तेजी से तैयार किए जा रहे हैं, जबकि अस्पतालों में भी 80 हजार बेड बढ़ाए गए हैं। दूसरी लहर से सबक लेकर राज्य सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए कमर कस ली है।

महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डा.डीएस नेगी ने बताया कि सीएचसी स्तर तक आक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था की गई है। सीएचसी पर 10 बेड आक्सीजन युक्त होंगे और दो बेड पर आक्सीजन बाईपैप मशीन की व्यवस्था होगी। दूसरी लहर से निपटने के लिए प्रदेश के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए डेढ़ लाख बेड की व्यवस्था की गई थी। तीसरी लहर से निपटने के लिए 80 हजार बेड और बढ़ाए गए हैं। यानी अब कुल बेड 2.30 लाख होंगे। पहले प्रदेश में संजय गांधी पीजीआइ, केजीएमयू, डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, बीआरडी मेडिकल कालेज व पूर्वांचल के कुछ अस्पतालों में ही पीकू व नीकू की व्यवस्था थी। अब सभी मेडिकल कालेज व जिला अस्पतालों में पीकू और नीकू तैयार किए जा रहे हैं। 30 जून तक मेडिकल कालेजों में सौ-सौ बेड व जिला अस्पतालों में 25 से 40 बेड के पीकू व नीकू तैयार कर लिए जाएंगे। आक्सीजन की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। दो महीने पहले अप्रैल तक सिर्फ 25 आक्सीजन प्लांट ही अस्पतालों में थे। अब 441 आक्सीजन प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। करीब 100 आक्सीजन प्लांट अब तक तैयार हो चुके हैं।

डोर टू डोर सर्वे, बांटी जाएंगी 50 लाख मेडिकल किट

कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। कोरोना के लक्षण युक्त बच्चों को मुफ्त दवाएं दी जाएंगी। 50 लाख मेडिकल किट जिलों में पहुंचाई जा रही हैं। इसी महीने इसका वितरण शुरू किया जा रहा है।

2,248 एंबुलेंस भी तैयार

कोरोना संक्रमित होने पर बच्चों व महिलाओं को 102 एंबुलेंस सेवा की मदद से अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में 2248 से अधिक एंबुलेंस तैयार की गई हैं। लोगों को जरूरत पडऩे पर तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध हो सके, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। मानीटरिंग की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।

Edited By: Mahendra Pandey