लखनऊ [आलोक मिश्र]। आपके लिए यह सावधान करने वाली खबर है। सर्दियों में वाहन लेकर जरूर निकलें, लेकिन हर कदम संभलकर बढ़ायें। ठंडक की शुरुआत के साथ ही लोगों ने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए शहर के बाहर जाने की प्लानिंग भी शुरू कर दी है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह के बाद स्कूलों में छुट्टियों और नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग होटलों की बुकिंग तक करा चुके हैं। इसी दरम्यान कोहरे की बढ़ती चादर सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाती है। 

यातायात नियमों की अनदेखी और रफ्तार प्रदेश में हर साल करीब 20 हजार से अधिक लोगों की जिंदगी में ब्रेक लगा रही है। बढ़ते संसाधनों के साथ दुर्घटनाओं का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। ऐसे में कोहरे से होने वाली दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या भी ठंड शुरू होने के साथ ही वाहन चालकों के लिए खतरे की पहली घंटी है। वर्ष 2015 में यूपी में 32385 सड़क हादसों में 17666 लोगों की जानें गईं और 23205 घायल हुए। वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 32612 दुर्घटनाओं में 19320 मौतों और 25096 घायलों तक जा पहुंचा।

इसके बाद से दुर्घटनाओं की तस्वीर और भयावह होती चली गई। वर्ष 2017 में 38783 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 20124 जानें गईं और 27494 लोग घायल हुए। इस वर्ष एक जनवरी से सितंबर तक 31731 सड़क हादसों में 16616 लोगों की जानें गईं और 23306 लोग घायल हुए। वर्ष 2018 में सड़क हादसों का ग्राफ 42568 तक जा पहुंचा। इन हादसों में 22256 लोगों की जानें गईं और 29664 लोग घायल हुए। इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर माह के बीच 35427 सड़क हादसों में 18912 लोगों की जानें जा चुकी हैं जबकि, 24194 लोग घायल हुए हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे

इस वर्ष यमुना एक्सप्रेसवे पर जनवरी से अक्टूबर में 129 सड़क हादसों में 155 लोगों की जानें गईं और 167 लोग घायल हुए।

आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे

इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर के बीच आगरा एक्सप्रेसवे पर 170 सड़क हादसों में 136 लोगों की जानें गईं और 337 लोग घायल हुए।

कोहरे में बरतें सावधानी

आइजी यातायात दीपक रतन ने बताया कि सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह हाई स्पीड और यातायात नियमों की अनदेखी है। कोहरा होने पर हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में यदि बहुत जरूरी न हो तो रात के सफर को नजरअंदाज करना चाहिए। कोहरे में कई बार दूसरे वाहन चालक की गलती भी भारी पड़ती है। 

सड़क हादसों के कारण

- त्रुटिपूर्ण सड़कें

- स्ट्रीट लाइट का खराब होना

- गलत संकेतों का दिया जाना

- पैदल चलने वालों को सड़क के चिन्हों व यातायात संकेतों की जानकारी न होना

- वाहन चालक व पैदल चलने वालों का नशे में होना

- यातायात संकेतों का अभाव होना

- बच्चों के लिए उपयुक्त खेल मैदानों का न होना

- अधिक गति में वाहन चलाना

- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना

- मौसम की खराब दशा

- कोहरे में लाइट के पर्याप्त बंदोबस्त न होना

- सड़क किनारे बेतरतीब वाहनों का खड़ा होना

रखें खास ध्यान

- वाहन पर पीली फॉग लाइट का प्रयोग

- दुपहिया वाहन में इंडीकेटर का प्रयोग

- चौपहिया वाहन में पार्किंग लाइट का प्रयाग

- वाहन के आगे व पीछे रेडियम टेप लगाएं

- वाहन सड़क पर रोकने अथवा खराब होने की स्थित में बैक लाइट जरूर जलाएं

Posted By: Umesh Tiwari

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