v>लखनऊ (जेएनएन)। इन दिनों सरकार उद्यमियों के लिए ऑपरेशन क्लीन चला रही है। हालांकि कार्ययोजना के अनुरूप ऐसा कोई नाम नहीं है लेकिन, सरकार की मंशा यही है कि 21-22 फरवरी को लखनऊ में होने वाले इन्वेस्टर्स समिट से पहले किसी भी सरकार के समय की किसी भी छोटे या बड़े उद्यमी की कोई भी वाजिब समस्या लंबित नहीं रहनी चाहिए। इस बावत मुख्यमंत्री कार्यालय से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूप चंद्र पांडेय को पत्र लिखा जा चुका है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल की ओर से औद्योगिक विकास आयुक्त को जारी पत्र के मुताबिक समिट में देश ही नहीं दुनिया भर के उद्यमी और निवेशक भाग ले रहे हैं। समय-समय पर मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान उद्यमी एवं निवेशक उनको अपनी समस्यायों से अवगत कराते रहते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से समस्याओं को संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए भेजा जाता रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि ऐसी सभी समस्याएं समिट के पहले हल हो जानी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर अगर किसी उद्यमी ने समिट में समस्या उठायी तो सरकार की छवि धूमिल होगी।
समस्या निस्तारण का पूरा ब्योरा 
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र के साथ समस्याओं के निस्तारण के बावत एक प्रोफार्मा भी भेजा गया है, जिसमें संबंधित समस्या का पूरा ब्योरा दर्ज करना होगा। मसलन कंपनी का नाम, इकाई का संक्षिप्त विवरण, क्रियान्वयन करने वाले विभाग/एजेंसी का नाम, अनुमानित निवेश, प्रस्तावित जगह, आवेदन की तारीख, किस विभाग/एजेंसी या कमेटी के पास किस वजह से मामला लंबित है। इस सबके ब्योरे के साथ इसे मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराना है। इस क्रम में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूप चंद्र पांडेय की ओर से संबंधित विभागों के सभी अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा/ यमुना एक्सप्रेस-वे, सीडा (साथरिया इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी जौनपुर)/गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण)/ बीडा (भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और प्रबंध निदेशक उप्र औद्योगिक विकास निगम को समस्याओं के निस्तारण के बारे में निर्देश दिये जा चुके हैं।
जारी है निस्तारण की कार्रवाई
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ.अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि उद्यमियों एवं निवेशकों की उचित समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर हल किया जा रहा है। प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में ऐसे 68 मामलों को हल किया गया। जिला प्रशासन को भी इसके लिए अधिकृत किया गया है। अपने स्तर से वह भी सरकार की मंशा के अनुरूप समस्याओं का हल कर रहे हैं।
मामला न्यायसंगत है तो तुरंत हल करें : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अधिकारियों को साफ निर्देश है कि निवेशकों से संबंधित मामला चाहे किसी भी सरकार के समय का हो, अगर वह न्यायसंगत है तो उसे लंबित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, साख सर्वोपरि है। इससे कोई समझौता स्वीकार्य नहीं। अगर किसी उद्यमी ने किसी ऐसे मामले की शिकायत की जो उचित होते हुए भी लंबित है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। लिहाजा समिट तक कोई समस्या लंबित नहीं रहनी चाहिए।
एनआरआइ सत्र के वक्ताओं को हवाई यात्रा की सुविधा
21-22 फरवरी को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में एनआरआइ सत्र के वक्ताओं, विशेषज्ञों और उप्र अप्रवासी रत्न पुरस्कार से सम्मानित महानुभावों के आने-जाने के हवाई जहाज के किराये और लखनऊ में रहने का खर्च सरकार वहन करेगी। अगर इनके साथ कोई और आता है तो यह खर्च संबंधित को वहन करना होगा। वक्ताओं को इकोनामी और सम्मान पाने वाले गणमान्य लोगों को बिजनेस क्लास का किराया देय होगा। एनआरआइ विभाग के अपर मुख्य सचिव  विभाग आलोक सिन्हा ने बताया कि ये सभी व्यवस्थाएं फिक्की को करना है। बाद में विभाग इसकी भरपाई करेगा।
 

By Nawal Mishra