लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में लोकसभा उपचुनाव के रविवार को आए नतीजों से समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के त्यागपत्र से रिक्त हुई आजमगढ़ और पार्टी के महासचिव मोहम्मद आजम खां के पार्टी के इस्तीफे से खाली हुई रामपुर लोक सभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को जीत मिली है।

आजमगढ़ और रामपुर दोनों सीटों पर हार का ठीकरा समाजवादी पार्टी के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर फोड़ा है। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की हार से अखिलेश यादव ने कोई सीख नहीं ली। उपचुनाव में वह वातानुकूलित कमरे से बाहर नहीं निकले। 

लोकसभा उपचुनाव का परिणाम आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि विधानसभा चुनाव की तरह अखिलेश यादव ने उपचुनाव में भी नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशी दिए। प्रत्याशियों के प्रचार के लिए एसी कमरों से बाहर नहीं निकले।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को आगे की राजनीति के लिए भाजपा की तरह घर से निकल कर पार्टी संगठन को मजबूत करना होगा। यदि वह निकले होते तो आजमगढ़ में इतने कम मतों से हार नहीं देखनी पड़ती। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी पार्टी के 324 लोगों के साथ लगातार आजमगढ़ में जमे रहे, यदि उन्होंने 12 दिन समय नहीं दिया होता तो आजमगढ़ में लाखों वोटों से हार का मुंह देखना पड़ता।

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उपचुनाव में अखिलेश यादव को पहले दिन से भाजपा-बसपा गठजोड़ का पता था। रामपुर में बसपा ने प्रत्याशी नहीं दिया। भाजपा के दबाव में आजमगढ़ में पार्टी से निकाले गए नेता को बुलाकर बसपा ने प्रत्याशी बना दिया। यह स्थिति देख अखिलेश यादव को सावधान हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्हें क्षेत्र में निकलने और पार्टी संगठन को मजबूत करने की सलाह देंगे।

Edited By: Umesh Tiwari