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लखनऊ, जेएनएन। रायबरेली में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल उन्नाव के माखी गांव की दुष्कर्म पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए अब एम्स दिल्ली शिफ्ट किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दुष्कर्म पीड़ित को एयरपोर्ट भेज दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पीड़िता को एयर एम्बुलेंस से एम्स दिल्ली भेजा गया है।

कड़ी सुरक्षा के घेरे में सोमवार शाम केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर से से रायबरेली एक्सीडेंट कांड में घायल उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 38 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा दिया गया। सोमवार शाम 06:24 बजे ट्रॉमा सेंटर से सीआरपीएफ और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के घेरे में एंबुलेंस निकली और 33 किमी की दूरी तय कर 07:02 बजे एयरपोर्ट पहुंच गई। लखनऊ से एयर लिफ्ट करके पीड़ता को एम्स ट्रॉमा केयर, दिल्ली में भर्ती कराया गया है।

ट्रॉमा सेंटर से सोमवार शाम 06:24 बजे पीड़िता को कड़ी सुरक्षा में एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया। ग्रीन कॉरिडोर का अलर्ट जारी होते ही चौराहों पर तैनात पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों के वायरलेस सेट पर लोकेशन गूंजने लगी। एक चौराहा पार करते ही दूसरे का यातायात रोक दिया जा रहा था। एंबुलेंस के आगे ट्रैफिक पुलिस की इंटरशेप्टर पायलेटिंग कर रही थी। उसके पीछे एएसपी ट्रैफिक पूर्णेंदु सिंह, सीओ चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी और सीआरपीएफ एवं पुलिस की गाड़ियां थीं। 100 किलोमीटर प्रतिघंटे से अधिक रफ्तार में फर्राटा भरती गाड़ियां डालीगंज चौराहे से चिरैयाझील, बैकुंठ धाम, 1090 चौराहा, लोहिया पथ, बंदरियाबाग चौराहा, कटाई पुल, अहिमामऊ से शहीदपथ ते रास्ते, कानपुर रोड शहीदपथ तिराहे से एयरपोर्ट वीआइपी तिराहे के रास्ते 07:02 बजे एयरपोर्ट पहुंच गईं। यहां से पीड़िता को डॉक्टरों की टीम प्लेन से दिल्ली लेकर रवाना हो गई।

एयर एबुलेंस से भेजी गई किशोरी, वकील को भी भेजने की तैयारी

केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता की हालत में सुधार हुआ है। नवें दिन उसने आंखें खोलीं। वहीं डॉक्टरों के कमांड भी फॉलो किए। शाम को एयर एंबुलेंस से उसे दिल्ली भेज दिया गया। केजीएमयू में रविवार को दुष्कर्म पीड़िता को भर्ती किया गया था। यहां के ट्रॉमा सेंटर के वेंटिलेटर यूनिट में उसका इलाज चल रहा था। दुर्घटना के बाद बेहोशी की हालत में भर्ती पीड़िता ने सोमवार को आंखें खोलीं। प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक पीड़िता ने कमांड भी फॉलो किए। उसकी हालत में सुधार आ रहा था। इसके बाद शाम को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेज दिया गया।

देर रात या मंगलवार सुबह वकील को भी दिल्ली इलाज के लिए भेजने की योजना है। पीड़िता के साथ आइसीयू के एक्सपर्ट को भी भेजा गया है। पीड़िता को हाल में ही निमोनिया ने जकड़ लिया था। इसके चलते उसे बार-बार बुखार भी आ रहा था। पीड़िता को ऑक्सीजन सपोर्ट पर दिल्ली भेजा गया है। साथ ही उसकी कल्चर रिपोर्ट आना बाकी है।

इससे पहले लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में 28 जुलाई से भर्ती पीड़िता ने आज आंख खोली है। इसके साथ ही अब वह इशारे समझ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता का अब एम्स दिल्ली में इलाज होगा। सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। अब उसका आगे का इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान, संस्थान दिल्ली में ही होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता की हालत की लगातार मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया था। ट्रॉमा सेंटर के मीडिया प्रभारी प्रोफेसर संदीप तिवारी ने बताया कि 28 जुलाई के बाद से आज पीड़िता की हालत में सुधार दिखा है। उसका बुखार कम हो गया है। वह इशारों में अब संकेत समझ रही है। वकील के बाद अब पीड़िता को भी वेंटिलेटर से हटाया जाएगा। भर्ती वकील अभी भी डीप कोमा में है।  

केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता की हालत में सुधार आ रहा  है। बेहोशी से वह धीरे-धीरे वापस आ रही है। उसने नौवें दिन आंख खोली है। प्रवक्ता डॉ संदीप तिवारी के मुताबिक, पीड़िता को वेंटिलेटर से भी हटाने का प्रयास किया जा रहा है। मगर उसका ब्लड प्रेशर अभी गड़बड़ बना हुआ है। ट्रॉमा सेंटर के मीडिया प्रभारी प्रोफेसर संदीप तिवारी ने बताया कि 28 जुलाई के बाद से आज पीड़िता की हालत में सुधार दिखा है। उसका बुखार कम हो गया है। वह इशारों में अब संकेत समझ रही है। वकील के बाद अब पीड़िता को भी वेंटिलेटर से हटाया जाएगा। वकील अभी भी डीप कोमा में है। 

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Posted By: Dharmendra Pandey

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