लखनऊ, जेएनएन। छावनी होकर गुजरने वाली ओला और उबर कैब से अपने गंतव्य को जाना महंगा हो सकता है। छावनी परिषद ने अब कैब से भी 30 रुपये प्रति चक्कर प्रवेश शुल्क वसूलने का आदेश दे दिया है। वहीं, ओला कैब के मुताबिक यह प्रवेश शुल्क यात्रियों को देना होगा।

छावनी से गुजरने वाले वाणिज्यिक वाहनों से प्रवेश कर वसूला जाता है। परिषद ने नई कंपनी रोजी इंटरप्राइजेज को प्रवेश शुल्क वसूलने का ठेका दिया है। राजस्व बढ़ाने के लिए परिषद ने ओला व उबर कैब से 30 रुपये प्रति चक्कर किराया वसूलने की नई व्यवस्था लागू कर दी है। इससे अर्जुनगंज, दिलकुशा, तेलीबाग, लोको, जेल रोड, मखनिया मोहाल, इनडोर अस्पताल और सेना भर्ती मुख्यालय के सामने स्थित बूथों से गुजरने वाले ओला व उबर कैब चालकों से 30 रुपये वसूली शुरू हो गई है। चूंकि यह प्रवेश शुल्क यात्रियों की कैब बुकिंग के समय किराए के साथ नहीं जुड़ रही है, इसलिए टोल की तरह यात्रियों को यहां प्रवेश कर अलग से देना होगा। इससे उनको बुकिंग वाले किराए के अलावा 30 रुपये का भुगतान भी करना होगा। छावनी परिषद के सीईओ अमित कुमार मिश्र का कहना है कि कई छावनियों में कैब से प्रवेश शुल्क वसूला जाता है। इसे देखते हुए लखनऊ में भी यह व्यवस्था शुरू की गई है।

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