लखनऊ, जागरण संवाददाता। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ व्यापारियों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। व्यापारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उत्पीडऩ न रुका और समस्या का समाधान जल्द न निकला तो खाद्य तेल, किराना और गल्ला कारोबार अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया जाएगा। सोमवार को लाटूश रोड स्थित कार्यालय में लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारियोंऔर अलग-अलग ट्रेड से जुड़े कारोबारियों की बैठक में सभी ने एक स्वर में बंदी पर सहमति जताई।

बैठक में लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र की उपस्थिति में खाद्य, गल्ला, किराना, तेल, राइस एंड दाल मिलर्स व्यापारियों ने समस्याएं रखीं। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि जब खाद्य सुरक्षा अधिनियम का पंजीकरण ऑनलाइन है तो अधिकारियों द्वारा इसे स्वीकृत एवं अस्वीकृत करने का अधिकार अनुचित है। यही उत्पीडऩ और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कारण है। जीएसटी की तरह समय बाध्य स्वत: पंजीकरण प्राप्त होना चाहिए। एक दुकानदार के कई गोदाम होने पर अलग-अलग पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होनी चाहिए। उसी लाइसेंस पर गोदाम को जोडऩे की व्यवस्था जीएसटी की तरह ही की जानी चाहिए। संगठन अध्यक्ष और वरिष्ठ महामंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब संगठन ताल ठोंक चुका है। उत्पीडऩ नहीं सहा जाएगा।

बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष सतीश अग्रवाल, मुख्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, महामंत्री पवन मनोचा, अचल मल्होत्रा, उमेश शर्मा, प्रशांत गर्ग, घनश्याम अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद गर्ग समेत विभिन्न टे्रडों के व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए बंदी के लिए कहा।

Edited By: Rafiya Naz