लखनऊ, (जितेंद्र शर्मा)। अयोध्या में राम मंदिर के लिए आस्था की हिलोरें सात समंदर पार भी उठ रही हैं। भारत में रहने वाले रामभक्त ही नहीं, बल्कि विदेशों में जा बसे भारतीय भी अयोध्या फैसले से गदगद हैं। अब वह मंदिर निर्माण के पुण्य कार्य में भी भागीदार बनना चाहते हैं। अमेरिका से अप्रवासी भारतीयों के 300 सदस्यीय दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संदेश भेजा है कि वह कारसेवा के लिए अयोध्या आएंगे।

राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाने की प्रक्रिया में जुटी है। मंदिर बनना कब शुरू होगा, यह अभी तय नहीं है लेकिन, आस्थावान इसके लिए बेकरार हैं। ऐसे ही रामभक्त अमेरिका में भी बैठे हैं। वहां ह्यूस्टन शहर में रहने वाले उद्यमी गगन बत्रा ने बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सलाहकार डॉ. रहीस सिंह को फोन किया। उन्हें बताया कि उनका परिवार करीब 30 वर्ष से वहां रह रहा है।

भगवान राम के प्रति उनकी गहरी आस्था है। बत्रा अमेरिका में इंडियन कम्युनिटी के प्रेसीडेंट हैं। उनके साथ करीब 300 उद्यमी और आइटी प्रोफेशनल राम मंदिर कारसेवा के लिए लिए अयोध्या आना चाहते हैं। वह सभी चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचेंगे, फिर ट्रेन से लखनऊ आएंगे। मुख्यमंत्री से सहयोग चाहते हैं कि कारसेवकों के अयोध्या पहुंचने, ठहरने आदि का समन्वय करा दिया जाए। डॉ. रहीस सिंह ने उनका संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।

काशी और मथुरा के लिए भी कुछ करने की चाहत

यह प्रवासी भारतीय आगमन पर सबसे अधिक दस दिन अयोध्या में बिताएंगे। इसके अलावा काशी और मथुरा भी जाएंगे। उन्होंने कहा है कि वह अयोध्या, काशी और मथुरा में किसी कार्य के लिए आर्थिक सहयोग देने की भी इच्छा रखते हैं।  

Posted By: Anurag Gupta

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