लखनऊ[जितेंद्र उपाध्याय]। यदि आप बेरोजगार हैं और अपना खुद का रोजगार करना चाहते हैं, लेकिन तकनीकी जानकारी और पैसे के अभाव में आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। आपके जिले में स्थापित जिला उद्योग केंद्र न केवल आपको तकनीकी प्रशिक्षण दिलाएगा बल्कि मुद्रा लोन दिलाकर आपकी आर्थिक मदद भी करेगा। मुद्रा लोन के लिए बैंकों के चक्कर लगाने के बावजूद बेरोजगारों को लोन नहीं मिल पाता, इसकी वजह से युवा परेशान रहते हैं। नए वित्तीय वर्ष से प्रदेश सरकार ने मुद्रा लोन के लिए जिला उद्योग केंद्रों को भी नोडल एजेंसी बना दिया है। यहा युवाओं को न केवल स्वरोजगार के क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी, बल्कि स्वरोजगार की लागत के अनुसार लोन भी दिलाया जाएगा। स्वरोजगार के साथ युवा दूसरे युवाओं को रोजगार भी दे सकेंगे। 7.5 लाख युवाओं को होगा फायदा

प्रदेश सरकार की ओर से राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों में इस वित्तीय वर्ष में स्वरोजगार और मुद्रा लोन दिलाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। हर जिले को 10 हजार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। आवेदन की प्रक्त्रिया के साथ ही रोजगार की जानकारी जिला उद्योग केंद्रों से ली जा सकती है। पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा

उद्योग विभाग की पर जिले पारंपरिक उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। राजधानी की चिकन व जरदोजी, वाराणसी की बनारसी साड़ी, कन्नौज का इतर, सहारनपुर का फर्नीचर, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन, भदोही की कालीन सहित अन्य जिलों के पारंपरिक उद्योगों को इस योजना के संजीवनी मिलेगी। क्या कहना है उपायुक्त का?

उपायुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ला का कहना है कि उद्योग विभाग की ओर से इस वर्ष हर जिले के 10 हजार से अधिक युवाओं को मुद्रा लोन देकर पारंपरिक उद्योगों को बढ़ाने में मदद की जाएगी। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पारंपरिक उद्योगों में भी बढ़ोतरी होगी। एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा देने का पूरा खाका तैयार कर दिया गया। बनाने से लेकर निर्यात तक का इंतजाम किया गया है।

By Jagran