कुशीनगर (जेएनएन)। कुशीनगर में इन दिनों समाजवादी पार्टी के अंदर अपशब्दों का आडियोवार चल रहा है। दो दिन पहले प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं कृषि राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह द्वारा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) उमेश पटेल को मां-बेटी की अपशब्दों दिए जाने का आडियो वायरल हुआ था। यह आडियो अभी चर्चा में ही है कि सोमवार को वायरल हुए जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा के अपशब्दों वाले आडियो ने विवाद को गहरा कर दिया है।

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किसी व्यक्ति से मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए राणा ने राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह को उसी तरह अपशब्दों कहे हैं, जिस तरह राज्यमंत्री ने अपर मुख्य अधिकारी को दी थी। लगभग पांच मिनट की बातचीत में वह दो दर्जन से अधिक बार अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। हालांकि यह आडियो पुराना है, लेकिन वर्तमान परिवेश में इसे काउंटर के रूप में ही वायरल किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि यह राज्यमंत्री के खेमे के लोगों ने किया है।

दो दिन पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने एएमए को फोन करके अपने निर्वाचन क्षेत्र हाटा में किसी कार्य का ठेका उनकी मर्जी के बिना देने पर अपशब्द कहे थे। इस आडियो के वायरल होने के बाद वह विपक्ष के निशाने पर हैं। खुद हरीश राणा शिकायत लेकर मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ पहुंचे हैं। राणा रामकोला के सपा विधायक डा. पूर्णमासी देहाती के बेटे हैं। सोमवार को एएमए ने भी कर्मचारियों के साथ एसपी से मिलकर राज्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

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आडियो में मेरी आवाज ही नहीं: हरीश राणा

आडियो के बारे में जब जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा से बातचीत की गई तो उन्होंने इसे साजिश बता दिया। कहा कि उनकी आवाज की नकल करके आडियो तैयार किया गया है। वह यह भी कहते हैं कि यदि आडियो में मेरी आवाज है भी तो इसे पहले क्यों नहीं जारी किया।

राज्यमंत्री के विरुद्ध कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

जिला पंचायत कर्मचारी संघ समेत अन्य संगठनों के कर्मचारी, दुव्र्यवहार के शिकार अपर मुख्य अधिकारी के साथ सोमवार को एसपी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंप आरोपी राज्य मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में जिला पंचायत कर्मचारी संघ ने लिखा है कि राज्यमंत्री राधेश्याम ङ्क्षसह ने अपर मुख्य अधिकारी उमेश पटेल को जिला पंचायत द्वारा कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों के निविदा अपने समर्थकों को अनियमित तरीके से आवंटित कराने के लिए दूरभाष पर अपशब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। इससे सभी कर्मचारियों में असुरक्षा का भाव है। इस नाते आरोपी राज्यमंत्री के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो समस्त कर्मचारी कार्मिक कार्य से विरत रहेंगे।

Posted By: Ashish Mishra