लखनऊ [अंशू दीक्षित]। घर बैठे बिजली बिल जमा करने की योजना और पारदर्शी होगी, उद्देश्य होगा कि मीटर रीडर के हाथों में उपभोक्ता राशि जमा कर सकें। इसके लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बीस मीटर रीडर को चयनित किया है।

यह मीटर रीडर उपभोक्ता के मोबाइल नंबर और अकाउंट संख्या को बिल निकालने वाली मशीन में फीड करेंगे तो उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी आएगा। उपभोक्ता यह ओटीपी अपने हाथों से मशीन में फीड करेगा तभी बिल जमा कर सकेगा और ट्रांजेक्शन का पूरा ब्योरा उसके मोबाइल पर आ जाएगा। रसीद के साथ एक अधिकृत ब्योरा होगा। इससे उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने को लेकर पीछे नहीं हटेगा। इस योजना को फाइनल टच देने का काम किया जा रहा है। पहले चरण में गोमती नगर में दस मीटर रीडर और सेस प्रथम में दस मीटर रीडर भेजे जाएंगे। इन मीटर रीडर के पास अधिकृत आइडी होने के साथ उक्त प्रक्रिया को भी अपनाना होगा। उद्देश्य होगा कि उपभोक्ताओं के मन में बिजली महकमा विश्वास बना सके। यही नहीं, उपभोक्ता को बिल जमा करने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, वह सीधे मीटर रीडर को नगद देकर बिल जमा करके, रसीद हासिल कर सकेगा।

मध्यांचल एमडी ने बताया कि योजना सफर होने पर अन्य डिवीजनों में इसे लागू किया जाएगा। जो मीटर रीडर पहले चरण में चयनित किए गए हैं, उनकी पूरा ब्योरा विभाग में जमा कराया जा रहा है। ऐसे मीटर रीडरों का वॉलेट बनेगा और हर ट्रांजेक्शन पर उनके खाते से उतनी राशि कट जाएगी, जितनी उपभोक्ता से नगद ली होगी।

हर बिल पर मिलेगा कमीशन

बिल जमा करने वाले एजेंट को बिजली महकमा कमीशन देगा। अमूमन बिल देने के तीन से दस दिन के भीतर उपभोक्ता बिल जमा करता है। ऐसे में बिजली विभाग का पैसा तुरंत आ सकेगा।

क्‍या कहते हैं अफसर ?

मध्यांचल एमडी संजय गोयल का कहना है कि एक मोबाइल नंबर से सिर्फ दो बिल निकल सकेंगे। बिल का पैसा देने से पहले उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी आएगा। बिल का पूरा ब्योरा भी संबंधित नंबर पर आएगा।

 

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