लखनऊ, जेएनएन। परिवहन विभाग ने हजारों पुराने व्यावसायिक वाहनों में एसएलडी (स्पीड लिमिट डिवाइस) न लगाने वाले वाहन स्वामियों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है।

परिवहन आयुक्त की ओर से दस कंपनियों के निलंबन के बाद डीलरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि एसएलडी लगाने के बाद वे वाहन-4 पोर्टल पर प्रपत्र अपलोड करें, नहीं तो एसएलडी को आरटीओ से स्वीकृति नहीं मिलेगी। पकड़े जाने पर वाहन स्वामी को ढाई हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा।

प्रतिदिन वाहनों में स्पीड गवर्नर से जुड़े प्रपत्रों को अपलोड किया जाना अनिवार्य होगा। संबंधित संभागीय निरीक्षक उनका भौतिक सत्यापन करने के बाद ही फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करेगा। इस संबंध में स्पीड गवर्नर विक्रेताओं के साथ आरटीओ कार्यालय में संभागीय परिवहन अधिकारी ने बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश पर जारी कर दिए हैं। डीलरों को वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के तुरंत बाद संबंधित सर्टिफिकेट को पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। आरटीओ ने कहा कि वाहन-4 पोर्टल पर अपडेट होने के बाद दोबारा प्रमाणपत्र दिखाने की जरूरत नहीं होगी।

अभी 50 फीसद व्यावसायिक वाहनों ने नहीं लगाई है एसएलडी:लखनऊ संभाग मे ट्रक, मल्टी एक्सेल ट्रक, बसें, टैक्सी, मोटर कैब, ऑटो एवं ई-रिक्शा समेत विभिन्न तरह के 70,000 के आसपास कमर्शियल वाहन हैं।

इनमें से ऑटो, ई-रिक्शा, विक्रम सरीखे वाहनों को हटा दिया जाए तो भी करीब 25,000 के आसपास ऐसे कमर्शियल वाहन हैं जिनमें एसएलडी नहीं लग पाई है।

वाहन-4 पोर्टल पर अपलोड न किए गए प्रपत्र तो एसएलडी को नहीं मिलेगी स्वीकृति

संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी द्विवेदी ने बताया कि एसएलडी के लिए कड़े दिशा-निर्देश परिवहन आयुक्त की ओर से जारी कर दिए गए हैं। व्यावसायिक वाहनों में एसएलडी लगाने के बाद उसे वाहन-4 पर अपलोड किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रपत्र देखने के बाद ही फिटनेस की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

आगामी 15 माह में परिवहन निगम के बेड़े से नई 3350 बसें जुड़ेंगी। इनमें साधारण, एसी समेत सभी कैटेगरी की बसें होंगी। वहीं उम्र पार कर चुकीं 1431 बसों को नीलाम किया जाएगा। कम किराए वाली साधारण सेवाओं की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष तक रोडवेज की फ्लीट में 3350 नई बसें जुड़ जाएंगी। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने बताया कि शामिल की जाने वाली रोडवेज बसों में सभी कैटेगरी को ध्यान में रखा गया है। इनमें साढ़े तीन सौ जनरथ एसी सेवाएं होंगी। 1850 साधारण सेवाएं भी बेड़े में शामिल की जाएंगी। इसके अलावा एक हजार बसें साधारण सेवाएं अनुबंधित होंगी। डेढ़ सौ हाई एंड बसों को बेड़े में शामिल किया जाएगा। इन सभी के लिए 15 महीने की अवधि तय कर दी गई है। 31 मार्च 2021 तक यह सभी बसें बेड़े में शामिल हो जाएंगी।

1431 उम्रदराज बसें जाएंगी बेड़े से

एमडी ने बताया कि तय अवधि और दूरी तय कर चुकीं 1431 रोडवेज बसों की नीलामी कर दी जाएगी। यह बसें यात्री सुरक्षा के लिहाज से भी चलने योग्य नहीं रह गई हैं। पुरानी हो चुकीं बसों को बेड़े से बाहर किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य प्रधान प्रबंधक प्राविधिक जयदीप वर्मा को नीलामी के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बस सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू

प्रबंध निदेशक के मुताबिक, लखनऊ रीजन समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ग्रामीणांचलों में बस सेवा चलाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं, जिससे ग्रामीणों को रोडवेज सेवाओं का सीधा लाभ उनके क्षेत्रों से मिल सकेगा।

 

Edited By: Anurag Gupta