लखनऊ, जेएनएन। आसान किस्त योजना के अंतर्गत शहरी उपभोक्ता 31 दिसंबर 2019 तक पंजीकरण कराकर  अपना बकाया बिल एक साथ नहीं जमा कर सकता था। लेकिन अब बिजली महकमे का आइटी सेक्टर इसमें संशोधन करके यह सुविधा भी देने जा रहा है। वहीं ग्रामीण शहरी उपभोक्ताओं को यह सुविधा पहले से ही मिल रही है। कुल मिलाकर डिफॉल्टरों के लिए बिना ब्याज के बकाया जमा करने की सुविधा किस्तों में भी होगी और एक साथ भी। 

बिजली महकमे के अभियंता कहते हैं कि चंद बकायदार ऐसे हैं, जिनके पास बिल समय से जमा न करने के सही कारण हैं। अधिकांश डिफॉल्टर ऐसे हैं, जो फिर पंजीकरण करा रहे हैं और इससे पहले भी ओटीएस योजना में करा चुके हैं, लेकिन पंजीकरण कराने तक ही सीमित रहते हैं या फिर चंद किस्त जमा करते हैं और गायब हो जाते हैं। ऐसे बकायदार कम ही हैं जो पंजीकरण के बाद एक साथ पूरा पैसा जमा करते हैं। क्योंकि अगर पूरा पैसा जमा करना ही होता और समय से बिल देना होता तो शहरी उपभोक्ता बकायदार कैसे बन गए। 

मध्यांचल एमडी के मुताबिक आसान किस्त योजना का लाभ लेने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चार किलोवॉट तक घरेलू उपभोक्ता इसका लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि बकाया मूल धनराशि का पांच फीसद या फिर 1500 रुपये पंजीकरण के समय जमा करना होगा। शहरी उपभोक्ता 12 किस्त व ग्रामीण उपभोक्ता 24 किस्त में भी बकाया जमा कर सकता है। 

विद्युत वितरण निगम लिमिटेड एमडी मध्यांचल संजय गोयल ने कहा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को बकाया एक साथ जमा करने की सुविधा पहले से है। अब शहरी उपभोक्ता भी एक साथ बिल जमा कर सकेंगे। इसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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