लखनऊ, जेएनएन। सरकारी पदों पर भर्ती के साथ ही संस्थाओं को ऑनलाइन संविदाभर्ती की भी सूचना देनी होगी। ऐसा न करने की वाली सरकारी, अद्र्धसरकारी और निजी संस्थाओं के विरुद्ध न केवल कार्रवाई की जाएगी बल्कि जुर्माना भी लगाया जाएगा। राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित संस्थाओं पर यह नियम लागू होगा। सहायक निदेशक सेवायोजन सुधा पांडेय ने बताया कि शासन के निर्णय के अनुरूप अनिवार्यता की गई है। 

अगले पांच वर्षों में 10 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने की सरकार की मंशा के अनुरूप सेवायोजन विभाग ने कमर कस ली है। हर तीन महीने में कंपनियों को सेवायोजन विभाग की वेबसाइट (सेवायोजन.यूपी.एनआइसी.इन) पर ऑनलाइन सूचना देनी होगी। यही नहीं वेतन के साथ ही उनके निकाले जाने की सूचना भी अनिवार्य रूप से देनी होगी। 

बेरोजगारों को होगा फायदा

सेवायोजन विभाग की वेबसाइट पर ही बेरोजगारों को नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। नौकरी देने वाली संस्थाओं को उनकी डिमांड और योग्यता के बेरोजगार ऑनलाइन मिल जाएंगे। हर तीन महीने में रोजगार मेले के माध्यम से नौकरी दी जाएगी। 

Posted By: Anurag Gupta

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