लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय में अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया नए सिरे से कराई जाएगी। उसी अनुसार अनुदेशकों को दोबारा कॉल लेटर भेजा जाएगा। आवेदन प्रक्रिया में वह अभ्यर्थी भी पात्र होंगे, जिन्हें लविवि की ओर से कॉल लेटर जारी किया जा चुका है। 

दरअसल, जून 2019 में लविवि की ओर से इंजीनियरिंग में 27 अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। अनुदेशक के पद पर निर्धारित साक्षात्कार की तारीख से पहले ही प्रदेश सरकार ने 13 अगस्त 2019 को आरक्षण के संबंध में आदेश जारी कर दिया। इसके तहत नियुक्ति में आरक्षण व्यवस्था के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी व्यवस्था की गई। इसके चलते प्रक्रिया रोक दी गई। 

बिना अनुमति जारी किया कॉल लेटर

अनुदेशक पद की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया को रोकने के बाद भी लविवि प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने बिना अनुमति अनुदेशकों को कॉल लेटर जारी कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद 9 सितंबर को कुलसचिव ने आदेश जारी कर अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा। 

उप कुलसचिव पर उठे सवाल

इंजीनियरिंग स्ववित्तपोषित संकाय में कुलसचिव की गैर मौजूदगी में उप कुलसचिव की ओर से अभ्यर्थियों को आवेदन जारी कर दिया। इसके चलते कुलसचिव व उप कुलसचिव के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप उठने लगे। आखिरकार उप कुलसचिव की कार्यशैली के चलते पूरी प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। 

लविवि के कुलपति एसके शुक्ला ने बताया कि आरक्षण संबंधी आदेश जारी होने के कारण प्रकिया को रोकना पड़ा। अब नए सिरे से प्रक्रिया कराई जाएगी। वह अभ्यर्थी भी आवेदन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे, जिन्हें कॉल लेटर निर्गत किया गया है। 

 

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