लखनऊ, जेएनएन। पॉलीटेक्निक संस्थानों में 25 डिप्लोमा कोर्सेज में भी नए सत्र से बदला हुआ पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसके तहत विद्यार्थियों को 60 प्रतिशत प्रायोगिक ज्ञान दिया जाएगा और सिर्फ 40 फीसद थ्योरी पढ़ाई जाएगी। 

नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के दिशा-निर्देश के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव कर उसे अधिक से अधिक रोजगारपरक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हलांकि सभी डिप्लोमा कोर्सेज में अभी इस नए पाठ्यक्रम के लागू न होने से कुछ विद्यार्थी अपडेट कोर्स तो कुछ पुराना कोर्स ही पढऩे को मजबूर हैं। 

पॉलीटेक्निक संस्थानों में अभी तक डिप्लोमा प्रथम सेमेस्टर के 43 कोर्सेज में से सिर्फ 18 में ही इसे लागू किया जा सका है। इसे डिप्लोमा प्रथम सेमेस्टर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख कोर्सेज में ही अभी तक लागू किया गया है। प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह कहते हैं कि नए सत्र से डिप्लोमा प्रथम सेमेस्टर के सभी कोर्सेज में इसे लागू कर दिया जाएगा। इसका मकसद विद्यार्थियों को अधिक से हुनरमंद बनाना है, ताकि वह आसानी से रोजगार हासिल कर सकें या खुद का उद्यम शुरू करें। अभी तक जिन कोर्सेज में नया पाठ्यक्रम लागू नहीं है उसमें थ्योरी का पार्ट अधिक होने के कारण विद्यार्थियों को प्रयोग करके सीखने का मौका कम मिलता है। नए शैक्षिक सत्र से इसे सभी कोर्सेज में लागू कर दिया जाएगा। 

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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