बाराबंकी, दीपक मिश्रा। मिशन शक्ति का दायरा अब मनरेगा तक भी पहुंच गया है। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पहल हो चुकी है। अब दस नवंबर से अभियान चलाकर महिलाओं को काम दिया जाएगा। उन्हें व्यक्तिगत लाभ से जोड़ा जाएगा। हर गांव में 35 महिलाओं को प्रतिदिन काम देने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है।

मिशन शक्ति का विशेष अभियान 10 नवंबर से लेकर मार्च 2022 तक चलेगा। कुल महिला श्रमिकों में से 60 फीसद महिलाओं को प्रतिदिन काम मिलेगा। कम से कम 35 महिलाओं को प्रतिदिन और प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा में काम देने का लक्ष्य बनाया गया है। नवंबर तक 14 हजार 467 महिलाओं को 100 दिन का रोजगार दिया जाएगा। इसके बाद मार्च 2022 तक 19 हजार 290 महिलाओं को 100 दिन का रोजगार देने का आदेश है।

मार्च 2022 तक मिलेगा व्यक्तिगत लाभ : मनरेगा उपायुक्त ब्रजेश त्रिपाठी ने बताया कि मार्च तक 2813 महिलाओं को व्यक्तिगत लाभ दिया जाना है। प्रधानमंत्री आवास देने वाले लाभार्थियों को मजदूरी, अंत्योदय चयनित गांव में शौचालय, व्यक्तिगत पौधारोपण, समतलीकरण, काउसेंटर, बकरी पालन, भैंस पालन, केंचुआ खाद पिट, मुर्गी आश्रय, किचन गार्डन, फूलों की नर्सरी, मत्स्य पालन, भूमि कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, खेत बांध, सोखता गड्ढा, वर्षा जल संग्रहण टैंक निर्माण का लाभ लिया जा सकेगा।

50 फीसद श्रमिकों को मिलेगा काम: अभियान महिलाओं के साथ पुरुषों को भी जगह मिलेगी। हर गांव में 50 फीसद श्रमिकों को काम देना ही है।

हर कार्य की होगी वीडियोग्राफी: हर कार्य की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी होगी, ताकि महिलाओं की संख्या पता चल सके कि मनरेगा में कितनी महिलाओं को काम दिया जा रहा है।

फैक्ट फाइल

  • विकास खंड -15ग्राम पंचायतें-1161
  • जाबकार्डों की संख्या-461810
  • सक्रिय जाबकार्ड-261151
  • महिला जाबकार्ड-182507
  • सक्रिय महिला जाबकार्ड-78855
  • वर्तमान में श्रमिकों को मिल रहा प्रतिदिन काम-17 हजार
  • ग्राम पंचायतों में चल रहा काम-1161

डीपीओ, बाराबंकी पल्लवी सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति का अभियान 10 नवंबर से शुरू हो जाएगा। ब्लाक स्तर पर इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है। हर ग्राम पंचायत में महिलाओं को काम और व्यक्तिगत लाभ दिया जाएगा।

Edited By: Rafiya Naz