विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रदूषण से जहरीली होती हवा से दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, यूपी के शहर भी लाचार; कई शहरों में AQI 300 के पार

By Umesh TiwariEdited By:
Published: Fri, 19 Nov 2021 12:05 AM (IST)Updated: Fri, 19 Nov 2021 07:09 AM (IST)

ठंड के तेवर ज्यों-ज्यों तीखे हो रहे हैं त्यों-त्यों वायु की गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की तल्खी ...और पढ़ें

वायु प्रदूषण के कारण उत्तर प्रदेश के शहरों के हालात भी ठीक नहीं हैं।
वायु प्रदूषण के कारण उत्तर प्रदेश के शहरों के हालात भी ठीक नहीं हैं।

लखनऊ, जेएनएन। ठंड के तेवर ज्यों-ज्यों तीखे हो रहे हैं, त्यों-त्यों वायु की गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की तल्खी के बाद इसे लेकर दिल्ली भले ही सुर्खियों में हो, लेकिन उत्तर प्रदेश के शहरों के हालात भी ठीक नहीं हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शहरों की हवा मानव स्वास्थ्य के लिए इस समय खतरनाक हो चुकी है।

गुरुवार को लखनऊ का ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 241 पहुंच गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सटे यूपी के प्रमुख शहरों का तो और भी बुरा हाल है। यहां के यूपी के शहरों का एक्यूआइ 300 से ऊपर है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, बागपत आदि शहरों की हवा तेजी से प्रदूषित हो रही है। इन शहरों में सांस लेना दूभर हो रहा है।

गुरुवार को गोरखपुर का एक्यूआइ 308 रहा। नौ नवंबर को एक्यूआइ 396 था। नवंबर का एक्यूआइ का औसत 311 है। मुरादाबाद में गुरुवार को एक्यूआइ का स्तर 312 रहा। तीन नवंबर से 18 नवंबर तक 11 बार 300 के पार प्रदूषण का स्तर जाने से रेड जोन में बना हुआ है। सबसे ज्यादा चार नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक 414 रिकार्ड किया गया। मुरादाबाद में अवैध पीतल की भट्ठियों के कारण प्रदूषण की समस्या और अधिक रहती है। आगरा में नवंबर (1 से 17 नवंबर तक) में औसत एक्यूआइ बढ़कर 351 तक पहुंच गया है। आठ नवंबर को आगरा में एक्यूआइ बढ़कर खतरनाक स्थिति में 486 तक पहुंच गया था।

जौनपुर में गुरुवार को एक्यूआइ 417 रिकार्ड हुआ। मऊ में भी ऐसा ही रहा। इसके चलते अस्पतालों में सांस के मरीजों में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। प्रयागराज के झूंसी में एक्यूआइ 311 रहा। बागपत में गुरुवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 295 रहा। वहीं, यहां पिछले 15 दिन का औसत एक्यूआइ 375 दर्ज किया गया। गुरुवार को मेरठ का भी एक्यूआइ 295 रहा। एक माह का औसत एक्यूआइ 340 तक रहा। पर्यावणरविद राकेश कुमार का कहना है कि जिस तरह दिल्ली एनसीआर में सख्ती की जा रही है वैसे ही यहां भी होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर वहां तो दिख रहा है, लेकिन यहां ध्यान न दिए जाने से खतरा बढ़ रहा है।

200 से ऊपर एक्यूआइ नुकसानदायक : जब भी एक्यूआइ 200 से ऊपर पहुंचता है तो वह मनुष्यों को नुकसान पहुंचाने लगता है। इस समय प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों का एक्यूआइ 200 से अधिक।

प्रमुख शहरों का एक्यूआइ

  • गाजियाबाद : 360
  • गोरखपुर : 308
  • ग्रेटर नोएडा : 308
  • मुरादाबाद : 296
  • नोएडा : 336

ऐसे समझें एक्यूआइ

  • 0-50 : अच्छा
  • 51-100 : संतोषजनक
  • 101-200 : थोड़ा प्रदूषित
  • 201-300 : खराब
  • 301-400 : बहुत खराब
  • 401 से अधिक : भीषण खतरनाक