लखनऊ(निशांत यादव)। भारतीय रेलवे ने तत्काल कोटे का रेल टिकट लेने वाले यात्रियों को बड़ी राहत दी है। अब यात्रियों को आरक्षण कराते समय पहचान पत्र का नंबर दर्ज नहीं कराना होगा। रेलवे ने परसों से तत्काल कोटे के टिकट में आइडी नंबर दर्ज करने की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया। बदली व्यवस्था में टिकट पर आइडी का नंबर दर्ज नहीं होगा, इसलिए यात्री टिकट बुक कराने और यात्र के दौरान अलग-अलग आइडी इस्तेमाल कर सकेंगे।

भारतीय रेलवे ने तत्काल कोटे के टिकट के गोरखधंधे को खत्म करने के लिए ही टिकट पर यात्रियों के पहचान पत्र का नंबर अंकित करने की व्यवस्था की थी। इससे यात्रियों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा था। रेलवे काउंटरों और ऑनलाइन टिकट बनाते समय आइडी कार्ड नंबर डालने तक कंफर्म टिकट वेटिंग में बदल जाते थे। कुछ यात्रियों से छायाप्रति वाला पहचान पत्र न होने पर टीटीई उनसे जुर्माना वसूल लेते थे। इसके बाद रेलवे ने तत्काल कोटे की व्यवस्था को बदलने का आदेश जारी कर दिया।

क्रिस ने किया अपने सॉफ्टवेयर में संशोधन

रेलवे ने एक सितंबर से तत्काल कोटे के टिकट के लिए पहचान पत्र की आइडी नंबर देने और टिकट में फीड करने की बाध्यता को समाप्त करने का आदेश दिया था। इसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफारमेशन सिस्टम (क्रिस) को सॉफ्टवेयर में संशोधन के आदेश दिए थे, लेकिन क्रिस ने 20 अगस्त की रात ही अपने सॉफ्टवेयर में संशोधन कर दिया है। परसों से टिकट पर आइडी नंबर छपने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। इससे रेलवे काउंटरों पर पहले की तुलना में अधिक कंफर्म टिकट भी निकल गए। रेलवे बोर्ड के एडीजी जनसंपर्क एके सक्सेना के मुताबिक तत्काल टिकट बनाते समय आइडी नंबर की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश हो गए हैं। क्रिस ने सॉफ्टवेयर में संशोधन कर दिया है। ई-टिकट और सिस्टम टिकट पर तत्काल टिकट बनाते समय आइडी नंबर नहीं डालना होगा। यात्रियों को अपने साथ मूल पहचान पत्र जरूर रखना होगा।

इन विकल्पों के साथ करें यात्रा

वोटर कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य व केंद्रीय कर्मियों के सरकारी पहचान पत्र, छात्रों का पहचान पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंकों की पासबुक, फोटो वाले क्रेडिट कार्ड और आधार कार्ड।

Posted By: Dharmendra Pandey