लखनऊ, जेएनएन। अब ज्यादा वक्त नहीं है जब लोग घर बैठे ही परिवहन विभाग की 18 सेवाओं का सीधे लाभ ले सकेंगे और इसके लिए उन्हें आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना पडे़ंगा। इनमें लर्नर लाइसेंस सरीखी सुविधाएं भी हैं जिनके लिए आरटीओ कार्यालयों में खासी मारामारी रहती है। स्थाई डीएल समेत गिनी-चुनी सेवाओं को छोड़ दिया जाए तो करीब-करीब सभी अहम सेवाएं आसानी से बिना संभागीय परिवहन कार्यालय जाए पाई जा सकेंगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आवेदकों की पहचान को आधार से जोड़ने का निर्णय लेते हुए इसे जरूरी कर दिया है। एनआईसी लिंक करेगा। हालांकि डाटा अपग्रेड करने में अभी वक्त लगेगा।

इस सुव‍िधा के शुरू होने से आमजन को खासा लाभ होगा। इसके पीछे मंशा है कि आरटीओ कार्यालय में कम से कम फुटफाल हो और लोग आधार से लिंक होकर कई सेवाएं घर बैठे ही प्राप्त कर सकें। आधार से जुड़़ते ही यह सभी 18 सेवाएं सीधी ऑनलाइन हो जाएंगी। यातायात नियमों से संबद्ध 15 में से नौ सवालों के जवाब देकर लर्नर लाइसेंस प्राप्त किया जा सकेगा। इससे आवेदकों काे आरटीओ जाने का काम खत्म हो जाएगा।

बिना आरटीओ जाए ये काम हो सकेंगे आसानी से

  • डीएल संबंधी छह काम होंगे पूरे
  • लर्नर लाइसेंस के आवेदन पर घर बैठे ही परीक्षा देकर पूरे कर सकेंगे।
  • डीएल नवीनीकरण में टेस्ट नहीं होता है ऐसे में घर बैठे डीएल का रिनीवल होगा।
  • डुप्लीकेट डीएल।
  • अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस परमिट।
  • डीएल में पता परिवर्तन।
  • डीएल में किसी वाहन को जोड़ना।

वाहन से जुडे़ ये काम होंगे घर बैठे

नए वाहनों का पंजीयन कराना

बॉडी निर्मित वाहनों का रजिस्ट्रेशन

डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र

वाहनों की एनओसी

गाड़ी स्थानांतरित करने की अनुमति

वाहन का ट्रांसफर।

पंजीयन प्रमाण पत्र में पता परिवर्तन।

ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलने की ऑनलाइन अनुमति।

राजनायिक अधिकारी के वाहन पंजीकरण

राजनायिक अधिकारी के वाहनों को नया पंजीयन चिन्ह।

किराये पर गाड़ी अनुबंध पर अनुमति।

किराया पर गाड़ी अनुबंध की समाप्ति।

इन काम के लिए ही जाना होगा आरटीओ

  • स्थाई डीएल वजह टेस्ट होता है।
  • वाहन की फिटनेस समेत सात काम के लिए ही आरटीओ जाना होगा। जो नितांत आवश्यक होंगे। अभी तक आरटीओ में डीएल और वाहन से संबंधित 25 तरह के काम होते हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से अब 18 काम बिना आरटीओ जाए हो सकेंगे।

'केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का नोटिफिकेशन हो गया है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। गाइडलाइन देखी जाएंगी। इसके आधार पर एनआईसी यानी नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर को इस व्यवस्था को सुचारु करने में मदद ली जाएगी। अभी समय लगेगा।'    -धीरज साहू, परिवहन आयुक्त 

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021