लखनऊ, जेएनएन। Corona curfew effect in Lucknow: संक्रमण की विभीषिका घटी है, थमी नहीं है। इस बात को समझना होगा पर लापरवाही की गाड़ी पर सवार लोग इसे कोरोना का खात्मा समझ रहे हैं। सड़कों पर लगने वाले जाम इस बात का प्रमाण हैं। लोग घरों से बेरोकटोक निकल रहे हैं। इस दौरान पुलिस भी सख्ती नहीं कर रही है, जिसकी वजह से चहल-पहल बढ़ गई है। सरकार द्वारा लगाए गए आंशिक कोरोना कफ्र्यू का पालन होता कहीं नहीं दिख रहा है।

हजरतगंज में सोमवार को जाम की स्थिति देखकर पुलिस ने वाहनों की चेङ्क्षकग शुरू की। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़कों पर निकलने वाले लोगों की संख्या किस हद तक बढ़ गई है। खास बात यह है कि इंदिरानगर, आशियाना, चौक, ठाकुरगंज और गोमतीनगर समेत अन्य इलाकों में चोरी-छिपे दुकानें भी खुल रही हैं। लोग खरीदारी भी कर रहे हैं। पुलिस रात में कुछ खास चेकि‍ंग प्वाइंट पर लोगों को रोककर उनका नाम-पता नोटकर खानापूर्ति कर रही है। बाजारों में कोरोना कफ्र्यू के बावजूद लोगों की भीड़ न केवल सवाल खड़े कर रही है, बल्कि संक्रमण को दावत भी दे रही है। लोगों की लापरवाही से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। इन सबके बावजूद पुलिस प्रशासन सख्ती नहीं कर रहा है।

दवा बाजार में भीड़, न चेते तो हालात और बुरे होंगे

कोरोना कफ्र्यू को लोग मानने को तैयार नहीं हैं। हाल यह है कि लाटूश रोड, दवा बाजार जैसी मार्केट में खुले में होटल चल रहे हैं। नालियों के किनारे चावल के पुलाव का भगौना लगा हुआ है। दवा बाजार में ठीक से मास्क लगाए बहुत कम ही लोग दिखेंगे। दवा का डिब्बा ढोने वाले मजदूर हों या फिर खरीदारी के लिए आए लोग। बाजार में भीषण भीड़ मिलेगी। शारीरिक दूरी का किसी से कोई लेना-देना नहीं दिखेगा। दुकानों पर फांदती हुई भीड़ कोरोना के बड़े संक्रमण के फैलाव की ओर इशारा कर रही है। यही हाल मौलवीगंज क्षेत्र का है। नक्खास, चौक, सुभाष मार्ग, रकाबगंज आदि की गलियों में छिपाकर सब्जी का कारोबार चल रहा है। इसे रोकने वाला कोई नहीं है। किराना की लोडि‍ंग अनलोडि‍ंग निर्बाध रूप से चलती नजर आ रही है।