लखनऊ, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री जीरो टालरेंस नीति पर काम करते हैं। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू कर उन्होंने लोगों के लिए त्वरित न्याय और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। हालांकि लखनऊ पुलिस की नीति सीएम के इरादों के विपरीत नजर आ रही है। बाराबिरवा चौराहे पर कैब चालक सआदत अली की पिटाई करने वाली युवती प्रियदर्शिनी नारायण के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की है। खास बात यह है कि उच्चाधिकारियों को गुमराह करने वाले इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश दुबे और कैब चालक से बदसलूकी तथा रिश्वत लेने वाले दो दारोगा घटना के चार दिन बाद भी कुर्सी पर बने हुए हैं। कार्यवाही के नाम पर कृष्णानगर कोतवाली से विवेचना स्थानांतरित कर बंथरा इंस्पेक्टर को सौंप दी गई है।

उधर इंटरनेट मीडिया पर लाखों लोग कैब चालक के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। जस्टिस फार कैब ड्राइवर का हैश टैग ट्रेंड कर रहा है। इन सबके बावजूद आरोपित पुलिसकर्मी और युवती के खिलाफ कार्रवाई न होना सवाल खड़े करता है।

युवती बोली, मुझसे मारपीट की गई : प्रियदर्शिनी ने मंगलवार को बयान दिया कि उसने कुछ गलत नहीं किया। कैब चालक उसे टक्कर मारने वाला था। वह मोबाइल फोन देख रहा था। उसने नियत तोड़े तो उसकी पिटाई की। युवती का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई। भीड़ ने उसे काफी दूर तक घसीटा, जिससे उसके हाथ, पैर व चेहरे पर चोट आई हैं।

पीडि़त ने कहा, आत्मसम्मान की लड़ाई है : कैब चालक सआदत ने कहा कि युवती ने बेवजह उसकी पिटाई की। इसका वीडियो देशभर में वायरल हो रहा है। मेरे लिए ये लड़ाई अब आत्मसम्मान की है। मैं इंसाफ के लिए लड़ता रहूंगा। सआदत का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने शनिवार सुबह उसे और उसके भाइयों को गाली दी। यही नहीं दारोगा मन्नान ने भी शुक्रवार देर रात में सआदत के भाइयों के साथ अभद्रता की और उन्हें लाकअप में डाल दिया। रही कसर, चौकी इंचार्ज हरेंद्र सिंह ने रिश्वत लेकर पूरी कर दी।

आंतरिक रिपोर्ट में लापरवाही उजागर : सूत्रों का कहना है कि कृष्णानगर कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है। पीडि़त चालक ने पुलिसकर्मियों की पहचान कर उच्चाधिकारियों को बताया भी है। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों की करतूत से उच्चाधिकारी अवगत हैं, लेकिन कार्रवाई से कतरा रहे हैं।

पूरे मामले की आंतरिक जांच करके रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है। गुण दोष के आधार पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।  - चिरंजीव नाथ सिन्हा, एडीसीपी मध्य

Edited By: Anurag Gupta