लखनऊ, जेएनएन।  रविवार शाम पुराने शहर में अचानक कई बिजली घरों में बिजली संकट खड़ा हो गया। अचानक कई बिजली घरों की बिजली जाने से अभियंताओं के हाथ पैर फूल गए। कुछ देर तक तो अभियंताओं को समझ ही नहीं आया, आखिर यह बिजली सप्लाई किस कारण बंद हुई है। जब अभियंताओं की आपस में बात हुई तो पता चला कि नौ बिजली घरों की सप्लाई ठप है। यह सप्लाई 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र महताब बाग के यार्ड में तार बंधी पतंग गिरने से हुआ। यहां बिजली करीब बीस मिनट में चालू हो गई, लेकिन स्थानीय बिजली घरों से उपभोक्ताओं को बिजली पहुंचाने में एक घंटे से अधिक समय लग गया। इसके कारण शाम देर शाम उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि ट्रांसमिशन उप केंद्र से बिजली फेल होने की जानकारी विश्वविद्यालय खंड के अधिशासी अभियंता ने की।

उधर, उपकेंद्र कर्मियों ने बताया कि यार्ड में तारबंदी पतंग शाम को 6:30 बजे गिरी, जिससे जोरदार धमाका हुआ था और 33 केवी उपकेंद्र मेहताब बाग, विक्टोरिया, नादान महल रोड, मेडिकल कालेज, चौपटिया राधा ग्राम, गऊघाट, रेजीडेंसी, इक्का स्टैंड डालीगंज इलाके की बिजली बंद हो गई। इन बिजली घरों से करीब छह लाख आबादी को बिजली जाती है। ट्रांसमिशन उपकेंद्र से यह बिजली तो लगभग शाम 6:50 पर चालू हो गई। लेकिन उपकेंद्र से बिजली को सामान्य होने में रात के 7:47 बज गए।

तार बंधी पतंगों पर नहीं लग पा रही नकेल

ट्रांसमिशन अभियंताओं के लाख प्रयास के बाद भी क्षेत्रीय पुलिस चाइनीज मांझा व तार बेचने वालों पर नकेल नहीं लगा पा रही है। कभी मेट्रो का संचालन तार व चाइनीज मांझे के कारण बाधित होता है तो कभी पुराने लखनऊ में बिजली संकट। ट्रांसमिशन के अधीक्षण अभियंता ने चंद सप्ताह पहले ही ट्रांसमिशन के आसपास क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए पर्चे व एनाउंसमेंट क्षेत्र में करवाया था। इसके बाद भी यह हादसा हो गया। 

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