सीतापुर, संवाद सूत्र। इटौंजा-कुम्हरावां मार्ग पर गद्दीपुरवा गांव के पास हुए हादसे के बाद से टिकौली गांव में सिसकियों व चीत्कार का दौर जारी है। हादसे में यहां के चुन्नीलाल मौर्य की पत्नी कोमल(45), बेटी आयुषि(13) व उनकी भाभी राम सुषमा(48) व भतीजी रुचि (21) की मौत हुई है। इनके अलावा राजकिशोर मौर्य की पत्नी मालती, सुखरानी पत्नी सुखपाल मौर्य और केतकी पत्नी छोटेलाल भी शामिल हैं। हादसे में पवन गुप्ता की बेटी अंशिका, राम खेलावन की पत्नी सुनीता और बाबू अवस्थी की पत्नी अन्नपूर्णा की भी मौत हुई है और करीब 35 लोग घायल हुए हैं। आज चुन्नीलाल के परिवार के चार सदस्यों समेत गांव में जब नौ अर्थियां उठीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखे नम हो गईं। 

बिलखते परिवारजन को ढांढस बंधाने में पास-पड़ोसियों की आंखाें से भी आंसू निकल रहे थे। गांव ने कभी इस तरह का मंजर नहीं देखा था। एक साथ नौ शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थी। पड़ोस गांवों के ग्रामीण, टिाकैली में एक घर से दूसरे घर सिर्फ सांत्वना देने जा रहे थे। सुबह के समय से सगे-संबंधियों का आना शुरू हो गया था। सबसे बुरा हाल चुन्नीलाल का था। हादसे में पत्नी और बेटी को गंवाने वाले चुन्नीलाल कुछ भी बोल नहीं पा रहे थे। 

एमएलसी, विधायक ने बंधाया ढांढसः एमएलसी पवन सिंह चौहान और सिधौली विधायक मनीष रावत सोमवार की देर रात गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारजन को ढांढस बंधाया। विधायक ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर वार्ता करने की बात कही है।

चुन्नीलाल बोले, सब खत्म हो गयाः बेटे के जन्म पर चुन्नीलाल ने उनई देवी मंदिर कोछ भरने की मन्नत मांगी थी, जिसे पूरा करने के लिए वह सोमवार की सुबह परिवारजन, रिश्तेदारों व करीबियों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से जा रहे थे। ट्राली में महिलाएं मंगलगीत गा रहीं थीं। अचानक ट्रक की ट्रैक्टर-ट्राली के तालाब में गिरने से हर ओर चीख पुकार मच गई। हादसे का मंजर अपनी आंखों से देखने वाले चुन्नीलाल के मुंह एक ही शब्द बार बार निकल रहा कि मैंने तो सब कुछ खो दिया।

हर ओर मातम, रह-रहकर सुनाई देती रोने की आवाजः हादसे के बाद टिकौली गांव में हर ओर मातम का महौल है। रह-रहकर सिसकियां व चीत्कार सुनाई दे रही है। हादसे में जान गंवाने वालों के घर सगे-संबंधियों का आना शुरू हो गया था। जैसे ही कोई संबंधी या जान-पहचान वाला घर पहुंचता, रोने-चिल्लाने की आवाज तेज हो जाती है।

बिटिया तो किसी ने खो दी घर की महिला मुखियाः अटरिया के टिकौली गांव पर दुखों का पहाड़ टूटा है। इटौंजा-कुम्हरावां रोड पर हुए हादसे में बिटिया तो किसी ने घर की महिला मुखिया को खो दिया। हादसे में गांव की 10 महिलाओं की मौत हुई है, जिसमें तीन किशोरियां शामिल हैं। कई अन्य महिला-पुरुष भी चोटिल हुए, जिनका उपचार हो रहा है। चुन्नीलाल और उनके भाई रामरतन ने तो बिटिया और मुखिया दोनों को गवां दिया। चुन्नीलाल के परिवार में दो बेटे अर्पित व आशुतोष और एक बेटी आयुषि थी। आयुषी भी भाई की कोछ भराई में शामिल होने गई थी। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि यह खुशियां, मातम में बदल जाएंगी।

इन परिवाराें ने खोई महिला मुखियाः इस भयानक हादसे में गांव के बाबू अवस्थी की पत्नी अन्नपूूर्णा, रामखेलावन की पत्नी सुनीला की जान गई। राजकिशोर, सुखपाल मौर्य, छोटेलाल मौर्य ने परिवार की महिला मुखिया काे खो दिया है। पवन गुप्ता की 13 वर्षीय बेटी अंशिका की मौत भी इस हादसे में हुई।

गांव के लिए शोक का दिनः ग्राम प्रधान अखिलेश वर्मा ने बताया कि यह बहुत बड़ी घटना है। हमारे गांव के लिए तो यह शोक का दिन है। कल रात में अंशिका की अन्येष्टि हो गई है। अभी रामखेलावन की पत्नी का अंतिम संस्कार होने जा रहा है। पूरे दिन यही सिलसिला चलेगा। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि किसी गांव को ऐसा दिन न दिखाए।

Edited By: Vikas Mishra

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