गाजियाबाद जासूसी कांड में 13 के खिलाफ चार्जशीट, रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगाकर पाकिस्तान लाइव फीड भेजने का आरोप
एनआईए ने संवेदनशील रेलवे स्टेशनों पर जासूसी कैमरे लगाने और गोपनीय जानकारी साझा करने के मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
एनआईए ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
संवेदनशील रेलवे स्टेशनों पर सोलर पैनल कैमरे लगाए गए।
सैन्य प्रतिष्ठानों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी हैंडलरों को भेजी।
विधि संवाददाता, लखनऊ। संवेदनशील रेलवे स्टेशनों पर सोलर पैनल कैमरे लगाकर एक संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन को लाइव पहुंचाने और देश के प्रमुख स्थानों की गोपनीय सूचनाएं साझा करने के मामले में एनआईए ने विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल की अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
इनमें प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शाने इरम उर्फ महक शामिल हैं।
एजेंसी के अनुसार 'सरदार जोरा सिंह' के छद्म नाम से सक्रिय संगठन के निर्देश पर आरोपियों ने 15 फरवरी को दिल्ली कैंट और 25 फरवरी को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरे लगाकर लाइव फीड उपलब्ध करायी।
पाकिस्तानी हैंडलरों को भेजे करीब 450 वीडियो
कैमरों के संचालन के लिए शिवा वाल्मीकि के नाम पंजीकृत सिम का इस्तेमाल हुआ, जबकि शाने इरम ने भारतीय सिम पर वॉट्सएप चलाने के लिए दो ओटीपी भेजे। सरदार जोरा सिंह और विक्की जद्दू के कहने पर गाजियाबाद के ब्लू डार्ट कोरियर से जूतों में छिपाकर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए। आरोपियों ने जीपीएस मैप कैमरा ऐप से विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों की फोटो-वीडियो भी बनायीं तथा अपने पाकिस्तानी हैंडलरों को 450 के लगभग वीडियो भेजे।
मामला 14 मार्च 2026 को कौशांबी थाने में दर्ज हुआ था, बाद में यूएपीए की धारा 18 जोड़कर जांच एनआईए को सौंपी गयी। अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें पांच नाबालिगों के संबंध में 18 मई 2026 को किशोर न्याय बोर्ड में रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है।
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जांच में सामने आया कि आरोपियों ने संप्रभुता के विरुद्ध साजिश रचते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में जासूसी कैमरे लगाए और जियो-टैग फोटो-वीडियो दुश्मन देश के हैंडलरों तक पहुँचायीं, जिससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ।
