डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में नई अत्याधुनिक इमरजेंसी तैयार, जुड़ने जा रही बड़ी सुविधा
Dr RML Institute Of Medical Sciences: डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के रविवार को स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका शुभारंभ करेंगे।

डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान
HighLights
संस्थान स्थापना दिवस पर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ
गंभीर मरीजों को समय से मिलेगा उचित उपचार
विकास मिश्र, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अब आकस्मिक चिकित्सा के लिए बेड की कमी नहीं रहने वाली है। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों को बेहतर व त्वरित आपातकालीन इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में एक और बड़ी सुविधा जुड़ने जा रही है।
इस संस्थान में 45 बेड की नई अत्याधुनिक इमरजेंसी तैयार हो गई है। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के रविवार को स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका शुभारंभ करेंगे। नई इमरजेंसी में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इसकी खास बात यह है कि इसमें 15 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा होगी, जिससे सांस संबंधी गंभीर बीमारी, मल्टीआर्गन फेल्योर, दुर्घटना और अन्य गंभीर स्थितियों वाले रोगियों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। नई इमरजेंसी शुरू होने के बाद संस्थान में आने वाले गंभीर मरीजों को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और तुरंत इलाज मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत भी कम हो सकेगी।
निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि संस्थान पर मरीजों का दबाव बहुत अधिक है। इसी के अनुरूप सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इमरजेंसी में वर्तमान में 60 बेड हैं, जबकि 30 बेड का होल्डियां एरिया भी है। होल्डिंग एरिया के भी सभी बेड आक्सीजन युक्त हैं।
इमरजेंसी और होल्डिंग एरिया में कुल 90 बेड हैं, लेकिन इसके सापेक्ष यहां हर दिन चार से पांच गुना अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में कई बार गंभीर रोगियों को भी केजीएमयू या एसजीपीजीआइ रेफर करना पड़ता है। 45 बेड की नई यूनिट शुरू होने से इमरजेंसी में कुल 105 बेड हो जाएंगे, जिससे हर दिन बड़ी संख्या में गंभीर रोगियों को उपचार मुहैया कराने में मदद मिलेगी। इस पर कुल करीब 10 करोड़ रुपये खर्च आया है।
गंभीर मरीजों के लिए 15 वेंटिलेटर बेड
नई इमरजेंसी की सबसे अहम सुविधा 15 वेंटिलेटर युक्त बेड हैं। सांस लेने में गंभीर दिक्कत, गंभीर संक्रमण, दुर्घटना में घायल मरीज, हृदय संबंधी आपात स्थिति तथा अन्य गंभीर मामलों में वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ने पर रोगियों को तत्काल सुविधा मिलेगी। इससे गोल्डन आवर में इलाज शुरू किया जा सकेगा।
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को उनकी गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। इससे गंभीर और सामान्य आपातकालीन मरीजों को अलग-अलग स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। नई यूनिट में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका अहम होगी।
मरीज की स्थिति का तत्काल आकलन कर जरूरी जांच और उपचार शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग के विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकेगी।
