लखनऊ, जेएनएन। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने सरकार पर लोगों को मजहब के हिसाब से बांटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाया गया है लेकिन, मस्जिद के लिए कोई ट्रस्ट नहीं बनाया गया, जबकि अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराया गया था। पवार ने मस्जिद बनाने के लिए सरकार से ट्रस्ट बनाकर मदद देने की मांग की है।

एनसीपी अध्यक्ष अपनी पार्टी के राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल होने के लिए बुधवार को राजधानी में थे। यहां पवार ने यूपी के बजट पर चुटकी ली। बोले कि इस बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है, जबकि बेरोजगारों को मासिक प्रशिक्षण भत्ता देने का प्रावधान किया गया है। यह कब मिलेगा, कहना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मेहनत करने का अधिकार चाहिए। इस तरह भत्ते देने से काम नहीं चलेगा। यूपी से हर साल 40 फीसद तक युवा रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र व दूसरे राज्यों में जाते हैं।

पवार ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता त्रस्त है, इसीलिए इन्हें सत्ता से बेदखल कर रही है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री प्रचार करने गए लेकिन, जनता ने अरविंद केजरीवाल को प्रचंड बहुमत से जीत दिलाई। एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि लोगों में नफरत पैदा की जा रही है, जबकि विकास बहुत पीछे छूट गया है। कार्यक्रम में एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष केके शर्मा ने कहा कि वह यूपी में गांव-गांव पार्टी को खड़ा करेंगे। 

महाराष्ट्र की तरह करेंगे विपक्ष को एकजुट 

शरद पवार बोले कि महाराष्ट्र में एनसीपी, शिवसेना व कांग्रेस गठबंधन की सरकार बेहतर ढंग से काम कर रही है। भविष्य में यूपी सहित पूरे देश में विपक्षी दलों को एकजुट कर भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी त्रुटिपूर्ण है। इसमें मुस्लिम अल्पसंख्यकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

Posted By: Umesh Tiwari

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