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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

National Sports Day 2022: यूपी में खेल दिवस पर होती है सिर्फ रस्‍म अदायगी, हाकी खिलाड़ियों ने बताई हकीकत

By Vrinda SrivastavaEdited By:
Published: Sun, 28 Aug 2022 06:08 PM (IST)

National Sports Day 2022 खेल दिवस के मौके पर देश के राष्ट्रपति द्रोणाचार्य मेजर ध्यानचंद और अर्जुन अवार्ड देकर खिलाड़ियों ...और पढ़ें

National Sports Day 2022: यूपी में हाकी खिलाड़ियों ने बताई खेल विभाग की हकीकत।
National Sports Day 2022: यूपी में हाकी खिलाड़ियों ने बताई खेल विभाग की हकीकत।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। मेजर ध्यानचंद का कद हाकी में उतना ही बड़ा माना जाता है जितना क्रिकेट में सर डान ब्रैडमैन और फुटबाल में पेले का है। भारत में हर साल मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खेल को बढ़ावा देने के लिए 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। खेल दिवस के मौके पर देश के राष्ट्रपति द्रोणाचार्य, मेजर ध्यानचंद और अर्जुन अवार्ड देकर खिलाड़ियों को सम्मानित करते हैं, पर उत्तर प्रदेश में खेल दिवस के नाम पर हाकी के खिलाड़ियों के साथ सिर्फ रस्म अदायगी होती है।

उत्तर प्रदेश खेल विभाग की ओर से चार दिवसों पर खेलों के आयोजन के लिए 43,700 रुपये दिए जाते हैं। इसमें दो अक्टूबर, 26 जनवरी, 15 अगस्त के लिए सात-सात हजार और बाकी बचे रुपये खेल दिवस पर खर्च किए जाते हैं। इस दिन यूपी के सभी जिलों में हाकी के आयोजन किए जाते हैं। 22 हजार 700 रुपये में हाकी टूर्नामेंट, पुरस्कार व अन्य व्यवस्था करना ऊंट के मुंह में जीरा जैसे होगा।

हाकी खिलाड़ियों की सुनें तो वह एक सुर में बोलते हैं कि कम से कम खेल दिवस पर हाकी के खिलाड़ियों को पूरी किट देनी चाहिए, जिसमें जूता भी हो। हाकी स्टिक भी मिलती है तो वह भी मैच खत्म होते ही वापस ले ली जाती है। खेल विभाग द्वारा आयोजित इस सेवन-ए-साइड टूर्नामेंट में आठ हाकी टीमों को प्रतिभाग करना होता है। आठ टीमों में कुल 72 खिलाड़ी होते हैं, इनमें से मात्र 30 खिलाड़ियों को खेल विभाग द्वारा हाकी स्टिक दी जाती है, पर यह मात्र खेलने के लिए।

मैच खत्म होते ही खिलाड़ियों को दी गई स्टिक जमा करा ली जाती है। जबकि इस विशेष दिवस पर हाकी स्टिक के लिए 67,400 रुपये का जिओ भी है। इन रुपये से खेल दिवस पर हाकी स्टिक खरीदकर खिलाड़ियों को देना होता है। टूर्नामेंट का अन्य खर्च जिले स्तर का खेल अधिकारी खुद व्यवस्था करता है।

खिलाड़ियों को हाकी स्टिक दी जाती है, पर खेलने के बाद विभाग द्वारा जमा करा लिया जाता है। जब वह खिलाड़ी दोबारा खेलने आता है तो उसे वह स्टिक दी जाती है। जिस खिलाड़ी के पास स्टिक होती ही नहीं है तो उन्हें एकदम से दे दिया जाता है। - डा. आरपी सिंह, खेल निदेशक उत्तर प्रदेश