लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के नेशनल पार्क और सफारी सैलानियों के लिए एक नवंबर से खुल जाएंगे। इस बार पार्क 15 दिन पहले खोले जा रहे हैं। सभी स्थानों पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं । 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग व 10 साल से छोटे बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मास्क न लगाने पर 500 का जुर्माना भी वसूला जाएगा।

नेशनल पार्क के लिए ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइट upecotourism.in शुरू हो गई है। दुधवा नेशनल पार्क, पीलीभीत टाइगर रिजर्व व कतर्नियाघाट हर साल 15 नवंबर से 15 जून के बीच खुले रहते हैं। चूंकि इस बार कोरोना संक्रमण के कारण पार्क मार्च से ही बंद कर दिए गए थे। ऐसे में सरकार ने इस बार एक नवंबर से इन्हें खोलने का फैसला किया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव सुनील पाण्डेय ने बताया कि एक नवंबर से पार्क खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वन मंत्री दारा सिंह चौहान लखनऊ से वेब कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्क खोले जाने का शुभारंभ करेंगे। सभी स्थानों पर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। 

परिसर में आने वाले पर्यटकों का सर्वप्रथम तापमान जांचा जाएगा। केवल उन्हीं पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनमें कोविड-19 संक्रमण संबंधी लक्षण नहीं होंगे। शारीरिक दूरी संबंधी सावधानी बरतने के लिए एक सफारी वाहन में केवल चार यात्रियों को ही जाने की अनुमति होगी। प्रत्येक वाहन में सैनिटाइजर उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है। वन क्षेत्र में वाहन से नीचे उतरने की अनुमति नहीं होगी।

सभी पर्यटक अनिवार्य रूप से मास्क पहनेंगे। व्यक्तिगत रूप से अपने पास सैनिटाइजर भी रखेंगे। मास्क उतारने या हटाने पर पाबंदी होगी। उल्लंघन करने पर पर्यटक से 500 रुपये का जुर्माना लिया जाएगा।  एक हट में अधिकतम दो पर्यटकों को ठहरने की अनुमति होगी। हट को भी प्रतिदिन सैनिटाइज किया जायेगा, जिसका शुल्क संबंधित पर्यटक से लिया जाएगा। प्रत्यके हट के पर्यटकों को अलग-अलग समय निर्धारित करते हुए भोजन के लिए कैंटीन में उपस्थित होना होगा।

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