लखनऊ, जागरण संवाददाता। विकासनगर सेक्टर दो में रहने वाले इंडियन आयल कारपोरेशन से सेवानिवृत महमूद अली खां, उनकी पत्नी दरक्षा और बेटे सावेज की लखनऊ में ही हत्या कर दी गई थी। तीनों को खाने में पहले नशीला पदार्थ दिया गया था, उसके बाद गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये घटना किसी और ने नहीं, बल्कि महमूद अली के दूसरे बेटे ने ही किया था। बख्शी का तालाब पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपित के कुछ अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ जारी है। यह घटना एकदम फिल्मी अंदाज में की गई और सच्चाई पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश भी हुई।

दरअसल, इटौंजा में माल रोड के किनारे छह जनवरी को अज्ञात युवक का शव मिला था। युवक की गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस ने शिनाख्त की काफी कोशिश की, लेकिन तब सफलता नहीं मिली। इसके बाद मलिहाबाद में एक बुजुर्ग का शव मिला, उनकी भी गला रेतकर हत्या की गई थी। इसके अगले दिन माल में बुजुर्ग महिला का शव बरामद किया गया। यहां भी हत्या का तरीका वही था। लखनऊ ग्रामीण पुलिस को संदेह हुआ और तीनों शवों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मिलान की गई तो पता चला कि उनकी हत्या एक ही तरीके से की गई है। बस, फिर क्या था। पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी।

उधर, कई दिन से महमूद, दरक्षा और सावेज के नजर नहीं आने पर रिश्तेदारों ने उनकी खोजबीन शुरू की। महमूद की बेटी और दामाद से भी इसके बारे में जानकारी मांगी गई। इसपर बेटी ने बताया कि उसके पास सावेज का मैसेज आया था, जिसमें पांच जनवरी को तीनों के कश्मीर घूमने के लिए ट्रेन से निकलने की जानकारी दी गई थी। चार दिन पहले सावेज के फोन से वॉट्सऐप मैसेज आया था, भूस्खलन के कारण उनके जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर फंसे होने की जानकारी दी गई थी। सावेज ने लिखा था कि पिता की तबीयत भी खराब है। इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हुआ।

दैनिक जागरण में फाेटो सहित खबर छपने के बाद पुलिस ने पकड़ी रफ्तार: बीकेटी पुलिस छानबीन में लगी थी। इस बीच दैनिक जागरण में बुजुर्ग दंपती और उनके बेटे के जम्मू-श्रीनगर हाईवे से लापता होने की खबर तीनों की फोटो के साथ प्रकाशित हुई। महमूद अली के रिश्तेदारों ने जम्मू पुलिस से शिकायत की थी। अखबार में फोटाे देखने के बाद पुलिस ने शवों की पहचान कर उनके परिवार के लोगाें की तलाश शुरू की। इसके बाद महमूद अली की बेटी और दामाद से संपर्क कर जानकारी ली गई। पूछताछ में महमूद के दूसरे बेटे सरफराज पर शक गहराया, जिसके बाद मंगलवार रात में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

लखनऊ में मिली फोन की लोकेशन, झूठी कहानी हुई उजागर: पुलिस से पूछताछ में महमूद की बेटी और दामाद ने उनके जम्मू जाने की कहानी दोहराई। दोनों ने वॉट्सऐप पर फोटो भी दिखाया और कहा कि उन्हें सावेज ने भेजे थे। पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि सावेज, महमूद और दरक्षा के मोबाइल फोन की लोकशन लखनऊ में थी। वहीं, फोटो कश्मीर की भेजी गई थी। बस, फिर क्या था। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए पड़ताल की तो पता चला कि सरफराज ने ही गुमराह करने के लिए झूठी कहानी रची थी और बहन को सावेज के फोन से वॉट्सऐप मैसेज किया था। छानबीन में पता चला कि आरोपित ने माता-पिता व भाई के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। इसके बाद विकासनगर स्थित घर में ही उनकी गला रेतकर हत्या कर दी थी।

संपत्ति के लालच में था आरोपित, तवज्जाें नहीं देने का आरोप: पूछताछ में पता चला है कि आरोपित ने संपत्ति की लालच में घटना की है। पूछताछ में सरफराज ने पुलिस को बताया कि उसके माता पिता और भाई उसको तवज्जो नहीं देते थे। कोई भी उसकी बात नहीं सुनता था और अक्सर तीनों उसे बेवजह टाेकते रहते थे। माता-पिता उससे ज्यादा सावेज की परवाह करते थे। इसकी वजह से वह परेशान था और उसने तीनों की हत्या कर दी। बीकेटी पुलिस बुधवार को वारदात का राजफाश करेगी।

Edited By: Anurag Gupta