लखनऊ, जेएनएन। 'माय सिटी माय प्राइड'  की तर्ज पर नगर निगम स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के 33 हजार लोगों से फीडबैक लेगा। इससे नागरिक सुविधाओं को लेकर शहर की एक तस्वीर सामने आएगी। इसके तहत अभी तक करीब छह हजार लोगों से शहर के बारे में उनकी राय ली जा चुकी है।

नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों के बारे में इस तरह से जानकारियां जुटाई जा रही है। योजना के लिंक पर जाने के बाद अपना प्रदेश और शहर चुनना होता है। इसके बाद नाम, मोबाइल नंबर डालने के साथ ही सवाल आने लगेंगे और उन सवालों का जवाब देना होगा, जिससे शहर की सुविधाओं का आकलन होगा कि शहर कितना रहने लायक है। 

इन सवालों का देना है जवाब

  • आप कितना सहमत हैं कि बच्चों के लिए अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा है
  • गुणवत्ता भरी स्वास्थ्य सेवाएं सुविधाएं प्राप्त करना वहनीय है या किफायती है
  • मकान का किराया कितना किफायती है या वहनीय है
  • सफाई से कितना संतुष्ट हैं, कूड़ा उठाने की व्यवस्था कितनी अच्छी है
  • पीने के पानी की व्यवस्था कितना ठीक है
  • जलभराव कितने समय तक रहता है
  • यात्रा करना कितना सुरक्षित है
  • यात्रा करना कितना आसान और किफायती है 
  • शहर रहने के कितना सुरक्षित और महफूज है
  • आपात कालीन सेवाओं जैसे फायर बिग्रेड और एंबुलेंस की क्षमता को कितना सही कहेंगे
  • शहर में सार्वजनिक जगहें महिलाओं के लिए कितनी सुरक्षित है
  • मनोरंजन की सुविधाएं पार्क, सिनेमा, थियेटर की उपलब्धता से संतुष्ट हैं 
  • शहर कितने लोगों को अनेक मौके पर रोजी-रोटी प्रदान करता है कितना सहमत हैं
  • सामान्य जन की तरह जिंदगी जीने के हिसाब से आपकी आमदनी पर्याप्त है 
  • बीमा, बैंकिंग एटीएम तक आसान पहुंच से कितना संतुष्ट हैं। 
  • क्या शहर की हवा की गुणवत्ता संतोषजनक है 
  • आप शहर की हरियाली से कितना संतुष्ट हैं 
  • शहर में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता से कितना संतुष्ट हैं
  • कितना संतुष्ट है कि शहर सस्ती बिजली प्रदान करता है।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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