लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी में अपनी उपेक्षा सार्वजनिक कर चुके पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव की करीबी एक बार फिर छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव के प्रति बढ़ गई है। लखनऊ में लंबे समय बाद मुलायम सिंह यादव तथा शिवपाल सिंह यादव कल एक साथ दिखे।

लखनऊ में लोहिया ट्रस्ट के ऑफिस में मुलायम सिंह यादव के साथ लंबे समय तक शिवपाल सिंह यादव ने बैठक की। लोहिया ट्रस्ट की बैठक के बहाने अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे शिवपाल सिंह की समाजवादी पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात हुई। पार्टी में सम्मान न मिलने के बयान के बाद इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है।

लोहिया ट्रस्ट की कल एक बैठक थी। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष मुलायम सिंह और सचिव शिवपाल सिंह यादव हैं। कल इस बैठक में शामिल होने के लिए राम नरेश यादव (मिनी), राम सेवक यादव, राजेश यादव व अन्य ट्रस्टी शामिल हुए। इसमें डॉ. लोहिया के विचारों के प्रचार-प्रसार को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक ट्रस्ट के सचिव शिवपाल यादव ने बुलायी थी। ट्रस्ट के एक सदस्य दीपक मिश्र मॉरीशस में होने की वजह से नहीं आ सके।

इसी बैठक के बहाने शिवपाल की मुलायम सिंह यादव से भी मुलाकात हुई। दो दिन पहले ही मुलायम सिंह ने भगवती सिंह के जन्म दिवस कार्यक्रम में कहा था कि अब कोई उनका सम्मान नहीं करता है। उनके बयान के बाद इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। शिवपाल ने कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं और करते रहेंगे। डॉ. लोहिया के समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही है। उनके बीच मौजूदा हालात पर राजनीतिक चर्चा भी हुई। लोहिया ट्रस्ट की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव ने ट्रस्ट के कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी लोकसभा चुनाव पर भी चर्चा की। लंबे अर्से बाद मुलायम और शिवपाल की बैठक के सियासी निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं।

माना जा रहा है कि शिवपाल यादव के सेक्यूलर मोर्चे का गठन करने के बाद से समाजवादी खेमे में बैचेनी बढ़ी है। माना जा रहा है सेक्यूलर मोर्चे में क्षेत्रीय दलों को शामिल करने की कवायद जारी है। 

Posted By: Dharmendra Pandey