बाराबंकी, संवाद सूत्र। बांदा जेल में निरुद्ध मुख्तार अंसारी के एंबुलेंस मामले की सुनवाई गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव ने वर्चुअल तरीके से की। पेशी के दौरान मुख्तार ने एक बार फिर जेल में उच्च श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराए जाने की गोहार लगाई है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि सरकार नाराज है कहीं खाने में जहर न मिलवा दे।

मुख्तार के अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि जेल मैनुअल के तहत उच्च श्रेणी की सुविधा की मांग वह पहले भी कर चुके हैं। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तिथि सात अक्टूबर निर्धारित की है। बता दें कि एंबुलेंस प्रकरण में मुख्तार अंसारी आरोपित हैं। इसी मामले को लेकर जिले में सुनवाई हो रही है।

यह है एंबुलेंस प्रकरण : पंजाब में पेशी के दौरान बाराबंकी नंबर की एंबुलेंस चर्चा में आई थी। मामले की पड़ताल करने पर यह एंबुलेंस बाराबंकी के फर्जी पते पर पंजीकृत पाई गई थी, जिसे मऊ के श्याम संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डा. अलका राय की ओर से पंजीकृत कराया गया था। मामले में अलका राय के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा कराया गया था। बाद में मुख्तार समेत आधा दर्जन लोगों के नाम शामिल किए गए थे। प्रकरण में मुख्तार बांदा जेल में बंद हैं जबकि अन्य आरोपित बाराबंकी जेल में हैं।

Edited By: Anurag Gupta