बाराबंकी, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश के बाराबंकी में एक पांच वर्षीय मासूम व उसकी मां का शव एक ही साड़ी से लटकता मिला। भतीजी की चींख सुन कमरे में पहुंचे मृतका के पति के मंजर देख होश उड़ गए। शवों को उतार कर बिस्‍तर पर रखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मृतका के पिता की तहरीर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस ने पति सहित तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

एक ही साड़ी से लटक रही थी मां- बेटी 

मामला नगर कोतवाली के बंकी के ओमनगर नई बस्ती का है। यहां के निवासी मनीष वर्मा पत्‍नी अर्चना वर्मा(30) और बेटी तन्या (पांच वर्षीय) के साथ रहता है। मृतका के पति ने बताया कि शुक्रवार की सुबह पड़ोस की कुछ महिलाएं आई थी, उनके घर में कन्या भोज का कार्यक्रम था। उसकी सात वर्षीय भतीजी खुशी जब ऊपर स्थित कमरे में तन्या को बुलाने गई तो देखा कि एक ही साड़ी से मां-बेटी के शव लटक रहे थे। उनकी चींख सुनकर घर के बाकी सदस्यों के साथ कमरे में पहुंचे और शव को नीचे बिस्‍तर पर उतारा। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। 

सात साल पहले हुई थी शादी

मनीष वर्मा ने बताया कि उसकी शादी 17 मई 2013 को रायबरेली के थाना बछरावां के ग्राम सेंहगो पश्चिम के निवासी राम किशोरी की पुत्री अर्चना से हुई थी। वहीं मृतका के पिता रामकिशोर की तहरीर पर पति, जेष्ठ रामरुप, नंदोई सुशील कुमार पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। 

डेढ़ महीने बाद आई थी पत्नी

घर में कहासुनी होने पर अर्चना अपनी बेटी को लेकर डेढ़ माह पहले मायके चली गई थी। 14 फरवरी को मशीष वर्मा बुलाकर लाया था। पांच दिन पूर्व नशे में आकर मारपीट भी की थी।

फोरेंसिक टीम ने की जांच

लखनऊ से आई विधि विज्ञान की टीम ने छानबीन की और साक्ष्य जुटाए। कमरे में पड़ी साड़ी को पुलिस ने कब्जे में लिया। आसपास बरीकी से साक्ष्य जुटाए। साथ ही पत्नी के

अलमारी में खोजबीन की। सुसाइड नोट की भी खोज की लेकिन नहीं मिला।

खुद आत्म हत्या करने की करी थी कोशिश

आरोपित पति के बड़े भाई रामरूप ने बताया कि 12 फरवरी को नशीला पदार्थ खाकर मनीष ने खुद को मारने की कोशिश की थी। कमरे का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दो दिन पहले आए थे बहनोई- बहन 

घर दो मंजिला बना हुआ है। ऊपर मंजिल पर मनीष, उसकी पत्नी अर्चना और बेटी तन्या रहते थे। जबकि नीचे वाले हिस्से में बड़े भाई रामरूप, उसकी पत्नी कल्पना और तीन बेटियां थी। सभी बेटियों की उम्र सात वर्ष के नीचे है। दो दिनों से उसके बहनोई सुशील कुमार, बहन विजय लक्ष्मी भी रह रहे थे। क्योंकि विजय लक्ष्मी को प्रसव होने वाला था। वारदात के बाद शुक्रवार की सुबह ही प्रसव के लिए जिला अस्पताल में विजय लक्ष्मी को भर्ती कराया गया। रामरूप ने बताया कि मनीष दो दिनों से बीमार थे, इसलिए वह ऊपर नहीं चढ़ पाते थे, नीचे ही गेस्ट रूम में सोते थे। गुरुवार की रात भी मनीष नीचे ही सो रहे थे।

2007 में आए थे शहर

मनीष के पिता स्व. विशंभर वर्मा कोठी थाना क्षेत्र के ग्राम नकटा सहेलिया के रहने वाले थे। यह पूर्वोत्तर रेलवे अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारी थे। 2007 में गांव से आकर बंकी के नई बस्ती में बस गए थे। 2014 में बीमारी से मौत हो गई, मृतक आश्रित में रामरूप को बादशाह नगर पूर्वोत्तर रेलवे के अस्पताल में नौकरी मिल गई।

क्‍या कहना है पुलिस का ?

अपर पुलिस अधीक्षक, बाराबंकी आरएस गौतम के मुताबिक, मृतका के पिता रामकिशोर की तहरीर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच चल रही है, फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की है। 

 

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