लखनऊ (जेएनएन)। गन्ना किसानों को अब चीनी मिल से पर्ची मिलने का इंतजार नहीं करना होगा वरन मोबाइल फोन पर मिले एसएमएस को दिखाकर क्रय केंद्रों पर गन्ना डालने की सुविधा मिलेगी। यह जानकारी मंगलवार को गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने सहारनपुर क्षेत्र की गन्ना सुरक्षण बैठक में दी। बैठक में पर्ची वितरण में धांधली व घटतौली जैसे मुद्दे किसानों ने उठाते हुए बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने पर नाराजगी जतायी।

आगामी 15 अक्टूबर से गन्ना पेराई सत्र शुरू करने की कवायद के अंतर्गत गन्ना किसान संस्थान सभागार में प्रथम सुरक्षण बैठक को संबोधित करते हुए भूसरेड्डी ने बताया कि मोबाइल फोन पर किसानों को जानकारियां देने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी व उपयोगी बनाया जा रहा है। गन्ना पर्चियां वितरण समस्या का स्थायी समाधान भी किया है। उन्होंने किसानों से डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करने का अपील की। किसानों द्वारा समस्याएं दर्ज कराने के लिए विभागीय टोलफ्री नंबर सुविधा को अधिक प्रभावी बनाने की बात भी कही।

बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व शामली जिले 17 चीनी मिलों के गन्ना क्षेत्र आवंटन संबंधित चर्चा हुई, जिसमें तीन मिलें सहकारी क्षेत्र की है। रोहाना कलां से आए नीरज त्यागी ने घटतौली शिकायत की तो शामली के शिवराज ने गन्ना समिति कर्मियों के मनमाने रवैये पर एतराज जताया। रामराज की गन्ना समिति में अनियमितताओं का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया गया।

गन्ना आयुक्त भूसरेड्डी ने आरोपों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने क्रय केंद्र निर्धारण में समिति के प्रस्तावों को ही स्वीकारने का आश्वासन दिया। सुरक्षण बैठक मंडल केंद्रों पर कराने की मांग-किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार मांग करने के बावजूद सुरक्षण बैठकें मंडल मुख्यालयों पर नहीं करायी जा रही है। किसानों का लखनऊ आने में काफी खर्च होता है।

गन्ना 25 प्रतिशत कम हो तो समय से भुगतान

गन्ना मूल्य भुगतान समय से नहीं हो पाने पर किसानों का आक्रोश देखते हुए भूसरेड्डी ने कहा कि गन्ना उत्पादन 25 फीसद कम हो जाए तो चीनी मिल संचालक स्वयं ही समय से भुगतान करने लगेंगे। गन्ना उत्पादन अधिक होने के कारण भुगतान संकट बना रहता है।

 

Posted By: Ashish Mishra