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कुशल श्रीवास्तव की 'द लास्ट सैल्यूट' डॉक्यूमेंट्री: मिग-21 की 62 साल की गौरवशाली यात्रा ओटीटी पर प्रीमियर

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:27 PM (IST)

लखनऊ के फिल्म निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने मिग-21 की 62 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 'द लास्ट सैल्यूट' को ओटीटी पर प्रीमियर किया है।

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HighLights

  1. फिल्म निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने 'द लास्ट सैल्यूट' डॉक्यूमेंट्री बनाई।

  2. मिग-21 की 62 वर्षों की गौरवशाली यात्रा ओटीटी पर उतारी गई।

  3. इसमें साहस, बलिदान और पायलटों की व्यक्तिगत यादें शामिल हैं।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। मिग-21 की विरासत, रोमांच और भावनात्मक रिश्ते को पर्दे पर उतारने का बीड़ा लखनऊ के फिल्ममेकर और पूर्व वायुसेना अधिकारी कुशल श्रीवास्तव ने उठाया है।

उन्होंने मिग-21 की 62 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और उसे उड़ाने वाली पीढ़ियों की अनकही कहानियों पर डाक्यूमेंट्री ‘द लास्ट सैल्यूट’ का प्रीमियर ओटीटी प्लेटफार्म पर किया है। इसमें भारतीय वायुसेना की ताकत, साहस और जांबाजी को संजीदगी से दिखाया गया है।

मिग-21 अब इतिहास का हिस्सा

भारतीय वायुसेना की बारीकियों और उसके जज्बे को करीब से समझने वाले कुशल ने इसमें एक विमान की कहानी नहीं, बल्कि उससे जुड़े साहस, बलिदान, यादों और भावनाओं की विरासत को दर्शाया है।

उन्होंने कहा कि मिग-21 अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है, लेकिन उससे जुड़ी यादें आज भी हजारों वायु सैनिकों और देशवासियों के दिलों में जिंदा हैं। फिल्म निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने बताया कि वह इससे पहले चर्चित सीरीज आपरेशन सफेद सागर से पहचान बना चुके हैं।

कारगिल युद्ध में भारतीय वायुसेना की भूमिका पर आधारित उनकी छह एपिसोड की सीरीज को देश ही नहीं, दुनियाभर में दर्शकों की सराहना मिली। नेटफ्लिक्स पर 40 देशों में यह टाप-10 में शामिल हुई और 10 देशों में नंबर एक स्थान हासिल किया।

पायलटों के अनुभव और व्यक्तिगत यादें भी शामिल

कुशल श्रीवास्तव ने बताया कि आपरेशन सफेद सागर में मिग-21 को उसके आपरेशनल एक्शन के दौरान फिल्माया गया था। ‘द लास्ट सैल्यूट’ को उस कहानी की अगली कड़ी के तौर पर भी देखा जा रहा है। डाक्यूमेंट्री में मिग 21 के साथ भारतीय वायुसेना के लंबे सफर को दिखाने के साथ उन पायलटों के अनुभव और व्यक्तिगत यादों को भी शामिल किया है, जिन्होंने इस विमान को उड़ाया।

इसमें चीफ आफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह समेत कई पायलट शामिल हैं। उनके जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि मिग 21 महज एक लड़ाकू विमान नहीं था, बल्कि वायुसेना की कई पीढ़ियों के प्रशिक्षण, करियर, साहस और भावनाओं का हिस्सा रहा।