लखनऊ, जागरण संवाददाता। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) गैस्ट्रो एंटरोलाजी विभाग के चिकित्सकों ने 10 घंटे में चार जटिल आपरेशन कर एक मानसिक मंदित दुष्कर्म पीड़िता 16 वर्षीय किशोरी को नया जीवन दिया है। वर्ष 2014 में सात वर्ष की उम्र में बोल और सुन न सकने वाली मानसिक रूप से कमजोर बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। इससे उसके अंगों में अंदरूनी चोट आई थी। इसकी वजह से कुछ भी खाते पीते ही वह मल या मूत्र त्याग देती थी।

24 अप्रैल को मेरठ के पाल मर्सी होम संस्था द्वारा वह चाइल्ड लाइन लाई गई थी। उसे इलाज के लिए राजधानी के लोकबंधु राज नारायण संयुक्त चिकित्सालय लाया गया। जहां से उसे रेफर कर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के गैस्ट्रोसर्जरी विभाग में भेज दिया गया। यहां पर पाल मर्सी होम के साथ 'एक कोशिश ऐसी भी संस्था' ने उसके इलाज का जिम्मा उठाया।

गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डा. अभिजीत चंद्रा ने बताया कि बच्ची की कई जांचें की गईं हैं और वह तकरीबन एक से डेढ़ महीने तक अस्पताल में भर्ती रही। इसके बाद हमने उसका आपरेशन करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि 10 घंटे के समय में एंडोस्कोप तकनीक से मरीज की चार सर्जरी की गई। इसके बाद से उसके स्वास्थ्य में काफी सुधार पाया गया है।

इसके साथ ही अब वह बातों को समझने और अपनी बात जताने की कोशिश कर रही है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के कुलपति डा. बिपिन पुरी ने बताया कि इस बच्ची के इलाज के लिए पाल मर्सी होम से ओमाना कुटन और एक कोशिश ऐसी भी संस्था से वर्षा वर्मा से हमारा संपर्क हुआ। ऐसे मरीजों के लिए हम हमेशा तत्पर हैं। इस बच्ची को भी आगे की अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं समय-समय पर मुहैया करवाई जाएंगी। उसका पूरा ख्‍याल रखा जाएगा। पीडि़ता कुछ ही दिनों में पूरी तरह से ठीक हो जाएगी।  

Edited By: Vrinda Srivastava