लखनऊ, जेएनएन। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरूवार को संजय गांधी पीजीआई के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से बात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने इमरजेंसी में बेड की संख्या दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं ।  उन्होंने कहा कि पीजीआई प्रशासन ऐसी व्यवस्था स्थापित करे ताकि कैंसर समेत अन्य गंभीर मरीजों को दौड़भाग के साथ ही अधिक इंतज़ार न करना पड़े। 

मरीजों को नही मिलती सही जानकारी

गुरुवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पीजीआई की मुख्य बिल्डिंग स्थित जनसंपर्क कार्यालय में स्क्रीनिंग के लिए लाइन में लगे मरीजों ने मंत्री से शिकायत की। आरोप था कि यहां मौजूद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी सही जानकारी नही देते हैं। उनका व्यवहार ठीक नही है। मंत्री ने काउन्टर पर मौजूद एपीआरओ समेत अन्य कर्मियों को सख्त हिदायत दी कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें। उन्हें बार बार दौड़ाए नही बल्कि सही जानकारी दें। मरीज और तीमारदार पहले से परेशान होते हैं। 

इमरजेंसी में 10 डॉक्टरों की तैनाती होगी

चिकित्सा शिक्षा मंत्री को इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान वहां कुल 30 बेड थे। जिसमें 8 रेड जोन, 7 यलो जोन तथा 15 बेड ग्रीन जोन के है। इन सभी बेडों पर मरीज भर्ती थे। उन्होंने इन बेडों को बढ़ाकर दुगुना करते हुए 60 करने के निर्देश दिए। निदेशक द्वारा इमरजेंसी में 10 डॉक्टरों की आवश्यकता बतायी गई। जिस पर मंत्री ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से वार्ता कर जल्द डॉक्टर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। 

दिल और किडनी मरीजों  को मिले तुरंत इलाज

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कार्डियोलॉजी वार्ड गए। वहां कुल 22 बेड उपलब्ध थे। जिन पर मात्र 3 मरीज भर्ती थे। उन्होंने विभागाध्यक्ष से कहा की यहां और मरीज भर्ती कर इलाज मुहैया कराए। इसके अलावा डायलिसिस यूनिट और सीसीएम का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।

 

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