लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू में वसूली की जड़ें गहरी हैं कि शिकायत पर परिवारीजनों को वार्ड में धमकाया गया। कर्मी के बचाव में उनसे मनमाफिक बयान लिखा लिया गया। वहीं सहमा तीमारदार निरीक्षण के वक्त मंत्री के पास पहुंचा। अंदर चल रहीं करतूतों को उजागर किया।  गुस्साए मंत्री कुल सचिव से बोले...एक्शन लो, सस्पेंड करो। यह समझ लो जो भी वसूली करेगा, वह सरकारी नौकरी नहीं करेगा।

केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग में बे्रन ट्यूमर के मरीज छेदी (60) को भर्ती के लिए डॉक्टर ने लिखा। स्टाफ उसे बेड फुल बताकर 48 घंटे हॉल में फर्श पर डाले रखा। इसके बाद बेड के लिए दो हजार रुपये मांगे। असमर्थता जताने पर एक हजार रुपये लेकर बेड दिया। लिखित शिकायत पर कुलसचिव आशुतोष दुबे ने कर्मचारी नीरज को सस्पेंड करने का दावा किया। वहीं शनिवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना के दौरे की भनक लगने पर उसे धमकाया गया। रामनिवास के मुताबिक छेदी के बेटे से जबरन मनमाफिक लिखा लिया गया। ऐसे में केजीएमयू का निरीक्षण करने आए चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे से तीमारदार रामनिवास ने आपबीती बताई। मंत्री व प्रमुख सचिव ने घटना पर नाराजगी जताई। ऐसे में अफसरों से निलंबन का आदेश मांग लिया गया। भंडाफोड़ होने पर अफसर दाएं-बाएं झांकने लगे। मंत्री ने रामनिवास को सौ रुपये दिए। उससे शपथ पत्र पर शिकायत लिखकर देने को कहा। साथ ही कुलसचिव आशुतोष दुबे को वसूली वाले कर्मी को नौकरी से बाहर करने का निर्देश दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि यह अस्पताल गरीब मरीजों का है। यहां जो वसूली करेगा, वह सरकारी नौकरी नहीं करेगा। मंत्री ने न्यू ओपीडी ब्लॉक,ट्रॉमा सेंटर, लारी का निरीक्षण किया।

बाहर से दवा, अधूरा इलाज

-दुर्गा प्रसाद का बेटा मंत्री के पास जा पहुंचा। उसने बताया कि आठ हजार रुपये जांच पर खर्च हुए। रिपोर्ट लेने गया तो सैंपल ही नहीं जमा बताया।  

-72 वर्षीय अनिल कुमार को मुंह का कैंसर है। उसका ऑपरेशन होना है। उसने कहा कि डॉक्टर उसे छह माह से ऑपरेशन के लिए दौड़ा रहे हैं।

-ट्रॉमा सेंटर में आर्थोपैडिक में भर्ती मीना कुमारी को फ्रैक्चर है। सुबह डॉक्टर ने ऑपरेशन किए बगैर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। मंत्री ने उसे दोबारा भर्ती कराया।  

-ट्रॉमा सर्जरी में भर्ती गंगेश्वर प्रसाद के गैंगरीन है। उसने बाहर से दवा लिखने की शिकायत की। चिकित्सा अधीक्षक को सभी दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

-केजीएमयू में पीओसीटी कंपनी को पैथोलॉजी जांच का जिम्मा दिया गया है। करार होने के बावजूद मरीजों का बेड साइड कलेक्शन नहीं हो रहा है। प्रमुख सचिव का बेड से सैंपल कलेक्शन कराने का निर्देश। 

-मंत्री निरीक्षण की खबर केजीएमयू प्रशासन को रात में ही लग गई थी। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर में रात में तीमारदार बाहर कर सफाई की गई। वहीं ओपीडी, लैब में गंदगी मिली। लारी आइसीयू में बदबू मिली। 

-मई-जून तक शिक्षक भर्ती करने व 50 नए वेंटिलेटर 31 मार्च तक चलाने के निर्देश

 

Posted By: Anurag Gupta

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