बहराइच, जेएनएन। राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में कोरोना काल में महीनों काम करने के बाद दर्जनों वार्ड ब्वाय व नर्सों को वेतन नहीं मिला। वेतन की मांग करने पर अब नौकरी से उन्हें सुनियोजित तरीके से निकाल दिया गया। जानकारी मिलने पर स्वयं को ठगा महसूस करने वाले इन कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को संबोधित ज्ञापन सीआरओ को सौपा।

जीत कंपनी से तैनात 56 वार्ड ब्वाय व स्टाफ नर्सों को कई महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। कोरोनाकाल में इन सभी को आगे कर वैक्सीनेशन के काम में लगाया गया था। आरोप है कि संविदा पर तैनात इन कर्मचारियों की उपस्थिति भी भेजी जाती रही। बावजूद इसके कई महीनों से इन कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया। इससे सभी की आर्थिक हालत बिगड़ गई। वार्ड ब्वाय प्रशांत कश्यप, आदित्यमणि त्रिपाठी, रजत रस्तोगी, मयंकर यादव, अमित, धर्मेंद्र, ओमप्रकाश व स्टाफ नर्स स्वर्णिम मिश्रा, वनदेवी, निक्की शुक्ल, शिवदुलारी, संगीता, सुधा, मंशा, सावित्री समेत अन्य लोगों ने बताया कि वे बीते कई महीनों से पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्यों का निर्वाहन करते रहे हैं। बावजूद इसके सभी के साथ छल कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

पूर्व सीएमएस ने की गलत नियुक्ति 

स्टॉफ नर्सों व वार्ड ब्वाय की नियुक्ति पूर्व सीएमएस ने नियमों को ताक पर रखकर की थी। इस संबंध में शासन से भी पत्राचार किया गया था। सभी के बकाया वेतन भुगतान कराने को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। -डॉ. अनिल साहनी, प्राचार्य

Edited By: Anurag Gupta